हिसार। असरावां गांव में एक बावरी के पास टोपीदार बंदूक मिली है। सूचना मिलते ही मौके पर वन्य प्राणी विभाग की टीम पहुंची और जांच शुरू कर दी। टीम ने बंदूक को अपने कब्जे में लिया है। हालांकि अभी बावरी की पहचान नहीं हो पाई है।
बावरी की तलाश में टीम लगी हुई है। वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा ने बताया कि उनकी टीम आदमपुर में घायल जानवर का रेस्क्यू करने गई थी। इस दौरान किसी ने सूचना दी कि गांव असरावां में एक बावरी टोपीदार बंदूक रखता है। उसके बाद टीम गांव पहुंची।
उन्होंने बताया कि टोपीदार बंदूक रखने पर प्रतिबंध है। खेत से जानवरों को भगाने के लिए बारूद और पटाश का प्रयोग कर सकते हैं, मगर टोपीदार बंदूक का इस्तेमाल करने पर पूरी तरह पाबंदी है। घटना दो दिन पहले की बताई जा रही है।
सेक्टर 1-4 के लोगों की दहशत हुई खत्म, सर्च अभियान में मिला गीदड़
हिसार। सेक्टर 1-4 में सोमवार को एक जंगली जानवर होने का वीडियो वायरल हुआ था। लोगों ने मामले को लेकर सूर्य नगर चौकी व वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियाें को अवगत कराया था। उसके बाद टीम की ओर से सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम को सेक्टर 1-4 के क्षेत्र में गीदड़ दिखाई दिया। जोकि चार साल का था और मादा थी। वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा ने बताया कि आसपास के क्षेत्र से गीदड़ यहां पहुंचा है। अब गीदड़ को पकड़कर बीड़ में छोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि जब टीम ने गीदड़ का रेस्क्यू किया तो वह सर्दी से ठिठुर रहा था। वहीं अब गीदड़ पकड़ने के साथ ही सेक्टर 1-4 के लोगों की दहशत खत्म हो गई है।