पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु।
हिसार। बजट ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बजट ने हरियाणा की जनता के सपनों को साकार करने की दिशा में बड़ा और सशक्त कदम उठाया है। बजट सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वा के संकल्प को मजबूत करते हुए हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2100 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इससे हर महिला के हाथ में पैसा आएगा। उनकी क्रय क्षमता बढ़ेगी। हर वर्ग के पास यह पैसा पहुंचेगा। व्यापार-कारोबार में तेजी आएगी। महिला उद्यमिता को बढ़ावा के लिए प्रदेश सरकार ने महिला उद्यमियों को 1 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने का एलान किया है। इससे महिलाएं उद्यमी बनने के लिए प्रेरित होंगी। महिलाओं को छोटे कारोबार के लिए लोन आसानी से मिल सकेगा। धीरे धीरे अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगी। गरीबों को राहत देने तथा महिलाओं को सम्मान देने के लिए गरीब परिवारों को 500 रुपये में रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध कराकर महंगाई से राहत दी जाएगी। हर घर हर गृहिणी योजना के तहत महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जाएगा। अगले 5 वर्षों में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में बड़ा निवेश किया गया है। यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और व्यापारी हर वर्ग को सशक्त बनाकर हरियाणा को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाला है। (जैसा कि पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया)
पिछले साल के मुकाबले महज 7.9 प्रतिशत ज्यादा बजट, सरकार के आंकड़े गलत
हिसार। मुख्यमंत्री ने वित्तीय सत्र 2025-26 के लिए 205017 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसे पिछले वर्ष के मुकाबले 13.7 प्रतिशत अधिक बताया है। सरकार के आंकड़े गलत हैं। हकीकत में पिछले वर्ष के अनुमानित बजट 189876 करोड़ की तुलना में केवल 7.9 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। अनुमानित बजट 205017 करोड़ में से विकास पर केवल 16164 करोड़ रुपये ही खर्च होंगे। राजकोषीय घाटा पिछले वर्ष 32555 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 35994 करोड़ रुपये हो जाएगा। परंतु इस घाटे को कम करने का कोई प्रावधान नहीं रखा है। कृषि एवं कृषि से जुड़ी अन्य सेवाओं पर खर्च वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल बजट का 11.52 प्रतिशत था, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में घटकर 10.67 प्रतिशत रह जाएगा। यातायात, सिविल एविएशन, सड़कों पर कुल बजट की हिस्सेदारी 4.16 प्रतिशत से घटकर 3.70 प्रतिशत, ग्रामीण विकास व पंचायत सेवाओं में हिस्सेदारी 3.86 प्रतिशत से घटकर 3.61 प्रतिशत, शिक्षा पर कुल बजट की हिस्सेदारी 10.94 प्रतिशत से घटकर 10.36 प्रतिशत, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण की हिस्सेदारी पिछले बजट की तुलना में 5.02 प्रतिशत से घटकर 4.72 प्रतिशत, जनस्वास्थ्य सेवाओं पर कुल बजट की हिस्सेदारी 2.50 प्रतिशत से घटकर 2.40 प्रतिशत रह जाएगी। प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद पिछली बार 8 प्रतिशत था जो इस बार घटकर अनुमानित 7.6 प्रतिशत रह जाएगा। इस बार कर्जा अनुमानित 352819 करोड़ रुपये है। राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा लिए गए कर्जे को जोड़ा जाए तो कुल कर्जा 421114 करोड़ रुपये हो जाएगा। इससे प्रदेश के विकास पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। (जैसा कि पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने बताया)