हिसार। मुख्यमंत्री ने सोमवार को पेश किए बजट में चिकित्सा क्षेत्र में जिले को बड़ी सौगात दी है। नागरिक अस्पताल में 100 बेड बढ़ाकर 300 करने के अलावा एमआरआई सुविधा देने की घोषणा जिले के मरीजों के लिए कारगर साबित होगी। अभी नागरिक अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं होने से मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वहीं, इसके लिए मोटी राशि खर्च करनी पड़ती है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन की औसतन ओपीडी 1,600 के करीब रहती है, लेकिन सुविधाएं सामुदायिक केंद्र जैसी है। गंभीर रोगों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है, वहीं जांच की सुविधा भी नहीं है। ताज्जुब है कि यहां फीजिशियन तक नहीं है। इस हालत में मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। बर्न वार्ड है, लेकिन विशेषज्ञ नहीं है। हृदय व कैंसर रोग के इलाज की सरकार स्तर पर कोई सुविधा नहीं है। यहां आने वाले मरीजों को रोहतक या अग्रोह मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है, लेकिन बजट में की गई घोषणाएं धरातल पर उतरीं तो मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनने से नहीं करना पडे़गा रेफर
नागरिक अस्पताल में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनने से मरीजों को अग्रोहा या रोहतक रेफर नहीं करना पडे़गा। इस ब्लॉक के न होने से रेफर किए गए मरीजों की कई बार तो जान पर बन आती है।
कैंसर डे केयर यूनिट बनेगी
नागरिक अस्पताल में कैंसर की प्रारंभिक जांच हो सके, इसके लिए बजट में कैंसर डे केयर यूनिट खोलने का प्रावधान किया गया है। इस यूनिट के खुलने से कैंसर की आशंका वाले मरीजों को बड़ा फायदा होगा। जांच के बाद वे उचित उपचार ले सकेंगे।
काबिले तारीफ है बजट
सरकार ने काबिले तारीफ बजट पेश किया है। नागरिक अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। एमआरआई सुविधा मिलने से बीमारी का समय पर पता चल सकेगा और अस्पताल में ही इलाज मिलेगा। मरीजों को निजी चिकित्सालयों में जेब ढीली नहीं करनी होगी। - डॉ. सुभाष खतरेजा, डिप्टी सीएमओ, हिसार।
पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट
यह बजट पूरी तरह पूंजीपतियों, धनाढ्य व संपन्न परिवार के लोगों को फायदा पहुंचाने वाला है। आमजन के लिए किसी भी तरह से कल्याणकारी नहीं है। जिला नागरिक अस्पताल में नए भवनों का निर्माण कागजों तक ही सीमित है। एबीबीएस की सीटें बढ़ाने की बात की जा रही है, जबकि गरीब परिवार का युवा तो इस कोर्स में दाखिला ही नहीं ले सकता है। क्योंकि फीस ही भारी-भरकम है। योजनाएं धरातल पर लागू हों तो फायदा है, अन्यथा सभी घोषणाएं व्यर्थ हैं। - नूर मोहम्मद, स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी, हिसार के जिला संयोजक
बजट प्रस्ताव महज घोषणाएं
नागरिक अस्पताल को 200 से 300 बेड का करने, एमआरआई सुविधा, क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाना महज घोषणाएं है। इससे पहले भी नागरिक अस्पताल को शिफ्ट करने व अपग्रेड करने की बात की जाती रही है, लेकिन हुआ कुछ नहीं। अस्पतालों में 6-6 माह तक दवाइयां नहीं आती और न ही खामियों को दुरुस्त किया जाता है। मरीजों को समय पर चिकित्सक व सभी दवाइयां मिल जाए ये ही बहुत बड़ी बात है। जोकि सरकार के लिए हर साल चुनौती रहती है। - जगत बिसला, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश महामंत्री