हिसार (प्रवीन) जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ)के आशीर्वाद से प्राइवेट बसों के मालिक अपनी परिवहन समिति की बसों को मूल रूट पर चलाने की बजाय जिला प्रशासन की मिलीभगत से ग्रामीण मार्गों की बजाय लंबे मार्गों पर बेरोकटोक चलाकर ग्रामीण जनता को परेशान कर तथा सरकार से धोखाधड़ी कर रोडवेज विभाग को चूना लगा रहे हैं।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबंधित रोडवेज कर्मचारी यूनियन के हिसार डिपू प्रधान राजपाल नैन ने यह आरोप लगाते हुए आज एक बयान जारी कर कहा कि कुछ भ्रष्ट अधिकारी पैसे की हवस में अंधे होकर अपनी ड्यूटी तटस्थता और निडरता से करने की बजाय अपनी सरकारी शक्ति को स्वार्थ सिद्धि व भ्रष्टाचार में इस्तेमाल कर रहे हैं। लगभग एक सप्ताह पूर्व प्रदेश के परिवहन मंत्री ने प्रदेश के सभी परिवहन अधिकारियों की बैठक लेकर कहा था कि प्रदेश में अगर किसी भी अधिकारी के क्षेत्र में कोई अवैध वाहन सवारियां ढोते हुए मिला तो उसके लिए वह अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि हिसार जिला में सैंकड़ों ऐसे वाहन हैं जो अवैध रूप से सवारियां भर कर सड़कों पर दौड़ते दिखाई देते हैं। सहकारी परिवहन समिति की कुछ बसें जिनका मूल मार्ग हांसी वाया उमरा, सुल्तानपुर, लाडवा, मिर्जापुर, नियाणा व खरड़ गांव के मार्ग होकर चलने का है ये लगभग सभी बसें सीधी हांसी-हिसार के चक्कर लगाती दिखाई देती हैं, जबकि इनमें कुछ बसों के तो परमिट भी रद्द हो चुके हैं। इसके बावजूद ये गैर कानूनी तरीके से चलाई जा रही हैं। यूनियन डिपू प्रधान ने कहा कि हिसार जिला परिवहन अधिकारी ने हिसार महाप्रबंधक को पत्र भी लिखा है कि उपरोक्त बसों को बस अड्डे से समय देने के लिए मीटिंग में पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूनियन इसकी शिकायत विजीलेंस विभाग, उपायुक्त हिसार, परिवहन मंत्री व हरियाणा सरकार से करेगी तथा दो दिसंबर को बुलाई गई टाईम टेबल की मीटिंग का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि टाईम टेबल की मीटिंग में निजी बसों को टाईम टेबल में समय देने का विरोध किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जिला परिवहन अधिकारी ने उपरोक्त बसों पर लगाम नहीं लगाई तो यूनियन इसको लेकर आंदोलन चलाने को मजबूर होगी।