हिसार। फिल्म, टीवी सीरियल या नाटक तीन अलग-अलग विधाएं हैं। इनमेें कलाकार अपनी कला लोगों के सामने पेश करता है। ये तीनों विधाएं अपना-अपना स्थान रखती हैं लेकिन रंगमंच का जो समाज में स्थान है उसे कोई नहीं बदल सकता। यह कहना था हिसार रंगमंडल के बैनर तले हिसार में आयोजित रंग महोत्सव में नाटक का मंचन करने पहुंची एक्ट्रेस, लेखिका और निर्देशक नादिरा जाहिर बब्बर का।
जिंदल स्टेनलेस स्टील के रेस्टहाउस में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि नाटक देखने वाले लोगों की संख्या फिल्म देखने वालों से बहुत कम है लेकिन जिन्हें रंगमंच पसंद है वो रंगमंच से दूर नहीं रह सकते। उन्होंने बताया कि बेगम जान नाटक भारतीय रंगमंच की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में से एक है, जिसे जावेद सिद्दीकी साहेब ने लिखा है। हिसार रंगमंडल इस नाटक का हिसार में मंचन करवाने के लिए तीन साल से प्रयासरत है और हिसार रंगमंडल के अध्यक्ष यशपाल शर्मा और संस्थापक अनूप गोयल मीचू का यह प्रयास अब सफल हुआ है।
क्राइम पेट्रोल और बालिका वधू फेम अनूप सोनी ने कहा कि एक कलाकार के तौर पर उन्होंने फिल्मों, टीवी सीरियल और रंगमंच तीनों जगह काम किया है। हरियाणा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि क्राइम पेट्रोल पर जितनी भी अपराध कथाएं हरियाणा से आई हैं उनमें अधिकतर ऑनर किलिंग की रही। यह शर्मनाक है।
राज बब्बर की बेटी और एक्ट्रेस जूही बब्बर ने कहा कि फिलहाल वह नाटकों में ही व्यस्त हैं। जैसी फिल्में वह चाहती थी, उन्हें नहीं मिली। अच्छा रोल मिलेगा तो वो जरूर करेंगी। फिलहाल वह अपनी मां द्वारा स्थापित थियेटर ग्रुप एकजुट के लिए काम कर रही हैं। इस मौके पर मौजूद बॉलीवुड एक्टर हिसार के यशपाल शर्मा ने फिल्माें से समाज बिगड़ने के आरोपों पर कहा कि फिल्में और टीवी सीरियल तो वहीं दिखाते हैं जो समाज में चल रहा है और जो समाज पसंद करता है। आइटम नंबर को लोग पसंद करना बंद कर दें तो वो बनेंगे ही नहीं। हिसार रंगमंडल के संस्थापक अनूप गोयल मीचू ने कहा कि बेगम जान जैसी महान कृति का हिसार में मंचन करना उनका सपना था। इस मौके पर अनुभा तायल भी उपस्थित थीं।