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बनते-बिगड़ते रिश्तों की कहानी ‘ये है मुंबई मेरी जान’

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हिसार। मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी में कैसे लोग सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते हैं? मुंबई में उम्मीदों और आशाओं के पीछे का सच क्या है, ये सब दर्शाता है नादिरा जाहिर बब्बर द्वारा लिखित और निर्देशित नाटक ‘ये है मुंबई मेरी जान’ में। हिसार रंगमंडल की ओर से आयोजित दो दिवसीय रंग महोत्सव के पहले दिन का आगाज शनिवार को इसी नाटक के साथ हुआ। जिंदल स्टेनलेस स्टील फैक्ट्री स्थित तुलसी भवन में नाटक के दो शो आयोजित किये गये जिसे लोगों ने खूब पसंद किया।
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नाटक की शुरुआत होती है मुंबई के एक छोटे से कमरे से, जिसमें अलग-अलग राज्यों और संस्कृति से जुड़े पांच लोग टीकम, राजन, लक्ष्य, देवी दा और आरिफ अली रहते हैं। इन सभी की अलग-अलग सोच है लेकिन रहते साथ-साथ हैं। पांचों लोग कामयाब होने का अपना सपना पूरा करने के लिए मुंबई आए हैं और सभी के परिवारों की अपनी-अपनी दिक्कतें हैं। अपने परिवारों की दिक्कतों के बावजूद वो वापस नहीं जाना चाहते क्योंकि उन्होंने अपने परिवारों से सफल होने के वायदे किये हैं। रविवार को होने वाले नाटक बेगम जान में मुख्य भूमिका नादिरा जाहिर बब्बर ने, उनकी पोती ज़रीना की भूमिका जूही बब्बर सोनी और पत्रकार संजय पांडे की भूमिका अनूप सोनी ने निभाई है। नाटक की जान कहानी के साथ-साथ इन तीनों कलाकारों का अभिनय है।
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