फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किन्नू उत्पादन में फतेहाबाद प्रदेश में नंबर दो

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
फतेहाबाद। फतेहाबाद जिला किन्नू उत्पादन में प्रदेश में सिरसा जिले के बाद दूसरे स्थान पर है। इस वर्ष जिले में करीब 7 हजार टन किन्नू का उत्पादन होने का अनुमान है। जिले में वर्ष 2010 में 640 हेक्टेयर में 5 हजार 350 टन किन्नू का उत्पादन हुआ था, जोकि वर्ष 2011 में 750 हेक्टेयर में 6 हजार 525 टन रहा। इस वर्ष 115 हेक्टेयर भूमि पर किसानों ने किन्नू की फसल बोई है और अनुमान है कि इस वर्ष उत्पादन लगभग 7 हजार टन होगा। जिला उद्यान अधिकारी डा. रमेश कुमार ने बताया कि अच्छी फसल के चलते जिला फतेहाबाद किन्नू उत्पादन में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।
फतेहाबाद के प्रगतिशील किसान डा. विनोद बतरा ने 40 एकड़, बीघड़ गांव के किसान जसपाल सिंह ने 20 एकड़, गांव बलियाला के किसान पंकज प्रदीप मुखी ने 56 एकड़ और ढाणी चानन के किसान औंकारमल ने 30 एकड़ में किन्नू के बाग लगाए हैं। उन्होंने कहा कि किन्नू की पूरी फसल लोकल मार्केट में बिक जाती है और किसानों को 12 से 15 रुपये प्रति किलो का भाव मिलता है। किन्नू के पौधे की आयु लगभग 25 वर्ष होती है। उन्होंने कहा कि गांव सालमखेड़ा के किसान की अच्छी फसल को देखते हुए इस बार एक एकड़ का ठेका लगभग एक लाख 28 हजार रुपये है जो सर्वाधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाक्स
चार साल में फल देने लगता है किन्नू का पौधा
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि सात वर्ष की आयु वाला किन्नू का पौधे एक क्ंिवटल फल देता है जबकि दस वर्ष का पौधा लगभग डेढ़ क्विंटल फसल देता है। एक एकड़ में 110 किन्नू के पौधे लगाए जाते हैं और चौथे वर्ष में किन्नू का पौधा फल देना शुरू कर देता है। सरकार भी किन्नू उत्पादक किसानाें को प्रोत्साहित कर रही है। किन्नू का बाग लगाने के लिए 26 हजार 250 प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जाता है जिसमें से 60 प्रतिशत राशि पहले वर्ष और 20-20 प्रतिशत राशि दूसरे व तीसरे वर्ष किसान को मुहैया करवाई जाती है। किन्नू के बाग में टपका सिंचाई के लिए सरकार किसान को 90 प्रतिशत का अनुदान देती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें