हिसार। पशुपालन विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन ब्रांच सेक्टर तीन के मेन गेट पर प्रधान रणबीर सिंह रावत की अध्यक्षता में कर्मचारियों की गेट मीटिंग हुई। इसमें 20 नवंबर को सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिला मुख्यालयों पर सामूहिक गिरफ्तारियां देने का ऐलान किया गया।
मीटिंग को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ ब्लाक हिसार के प्रधान दीपक लोट व सचिव अशोक सैनी ने कहा कि पिछले साल 25 अगस्त को मुख्यमंत्री व संघ के प्रतिनिधिमंडल के बीच मांगों पर सहमति बनी थी लेकिन उसे आज तक लागू नहीं किया गया। इससे साफ है कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कर्मचारियों से दो वर्ष की सेवा के बाद कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, न्यूनतम वेतन 15 हजार देने, स्थायी भर्ती करने, आंगनबाड़ी, आशा व मिड डे मील वर्करों को सरकारी कर्मचारियों का दर्जा देने, केन्द्र के समान ग्रेड पे व वेतन भत्ते देने, निजीकरण व नई पेंशन नीति को रद करना आदि मांगों को लेकर 20 नवंबर के जेल भरो आंदोलन में भारी संख्या में भाग लेने की अपील की।
जिला सचिव छबीलदास मोलिया व कोषाध्यक्ष लीलाराम सौरठ ने कहा कि सरकार ने दीवाली के मौके पर कर्मचारियों को तीन हजार रुपये बिना ब्याज के सम्मान के तौर पर देने की घोषणा की थी लेकिन सरकार द्वारा नियुक्त पशुपालन विभाग के उपनिदेशक के कार्यालयों में सरकार के आदेशों की अवहेलना की गई। इच्छुक कर्मचारियों को काली दीवाली मनाने पर मजबूर किया गया। यूनियन ने इसकी निंदा करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इस मौके पर रमेश देग, मामनराम, संतोष देवी, किताबों देवी, राजेन्द्र खटाना, महावीर माचीवाल व राजेश दलाल कर्मचारी नेताओं ने बैठक को संबोधित किया।