हिसार। अपने रंगमंच निर्देशन के जरिये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हिसार के युवा रंगकर्मी मनीष जोशी बिस्मिल के प्रसिद्ध नाटक ‘हम तो ऐसे ही हैं’ का 100वां मंचन चंडीगढ़ के टेगोर सभागार में 17 नवंबर को किया जाएगा। नाटक का 100वां मंचन विशेष तौर पर चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले ये नाटक भारत के विभिन्न शहरों समेत पाकिस्तान में भी प्रस्तुत किया जा चुका है। दिल्ली में कमाने सभागार में मार्च 2010 में यह नाटक एक लाख रुपये कि इनामी राशि भी जीत चुका है। इस प्रतियोगिता में देश के जाने माने रंगकर्मियों ने अपने नाटक प्रस्तुत किए थे।
रंगकर्मियों कि ज़िन्दगी पर आधारित इस नाटक का मंचन देश के लगभग हर राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में हो चुका है और हर जगह इसे सराहा गया है। रास कला मंच के तले होने वाले इस नाटक कि टीम में भी विभिन्न राज्यों के कलाकार बतौर अभिनेता कम करते हैं। नाटक में जादूगरी, अभिनय, कथक, चित्रकला आदि का संयोजन देखने को मिलता है। हबीब तनवीर, संजय उपाध्याय, परेश रावल, मनोज जोशी एवं कुछ कलाकार और हैं जिन्होंने अभी तक अपने नाटक के 100 मंचन पूरे किए हैं।
हरियाणा में विश्व दीपक त्रिखा के बाद मनीष जोशी ही ऐसे रंगकर्मी हैं जो अभी 100 का आंकड़ा छूने जा रहे हैं। इस मौके पर मनीष जोशी को शंघाई परफोर्मिंग आर्ट्स फेस्टिवल चीन से भी बधाई संदेश प्राप्त हुआ है और देश की मुख्य धारा के रंगकर्मियों ने भी अपनी बधाई प्रेषित कि है। राजीव मनचंदा के निर्देशन में अपना रंगमंचीय सफ़र आरम्भ करने वाले मनीष जोशी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और साथ काम करने वाले कलाकारों को देते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि अब वे हरियाणा के कवि लख्मीचंद पर काम करेंगे और 100 का आंकड़ा उस नाटक का भी पार करेंगे।