हिसार। प्रदेश के 710 व जिले के 92 गुरुजी पदोन्नति के फेर में फंस कर लटक गए हैं। जिस कारण अब इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि लेक्चरर से प्राचार्य पद पर नियुक्त होने से स्कूलों में संबंधित विषयों के पद खाली रह गए है। जिससे विद्यार्थियों को टीचर न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिणामस्वरूप संबंधित विषयों में विद्यार्थी पिछड़ने शुरू हो गए है। विशेष बात यह है कि पदोन्नति मामले को लेकर कोर्ट में केस विचाराधीन है। जिसमें अगले साल की तारीख दे दी गई है। जिससे अब विद्यार्थियों पर खतरा मंडराने लगा है।
केवल हस्ताक्षर के नाम पर 7 करोड़ का मेहनताना ले रहे शिक्षक
4 अगस्त को शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 710 व जिले के 92 गुरुजी को लेक्चरर से प्राचार्य पद पर पदोन्नत किया था। लेकिन बीते डेढ़ माह से ये शिक्षक जिला शिक्षा कार्यालय में हस्ताक्षर कर वापिस घर लौट रहे हैं। जिस कारण जिले के 92 गुरुजी को हस्ताक्षर करने के नाम पर 7 करोड़ का मेहनताना दिया जा रहा है।
इन विषयों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
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