अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों की समस्याओं का समाधान न किए जाने से नाराज किसानों ने गुरुवार को गांव खरक पूनिया के बस स्टैंड पर जाम लगा दिया। जाम के कारण बरवाला-जींद मार्ग पर करीबन 6 घंटे तक यातायात बाधित रहा।
सुबह 8 बजे से ही किसान खरक पूनिया के बस अड्डे पर जमा होने शुरू हो गए थे व करीबन साढ़े 9 बजे किसान सड़क के बीच डेरा डालकर बैठ गए व जींद मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर जाम लगा दिया। दोपहर बाद साढे़ 3 बजे एसडीएम पृथ्वी सिंह मौके पर पहुंचे व सड़क पर बैठे किसान नेताओं से बातचीत कर उन्हें जाम खोलने के लिए राजी किया। किसान नेताओं को एसडीएम ने आश्वस्त किया कि किसानों की मांगों के संदर्भ में वे जल्द ही किसान नेताओं की मुलाकात मुख्यमंत्री मनोहर लाल से करवाएंगे।
प्रदर्शनकारी किसान धरने पर बैठने के लिए बोरिया-बिस्तर साथ लेकर आए थे। इस दौरान किसानों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि वे तब तक मार्ग से नहीं उठेंगे जब तक कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं करती। किसानों ने कहा कि वे पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष दोहराते आ रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। किसानों के सड़क मार्ग जाम को लेकर पुलिस के भी पुख्ता प्रबंध नजर आए। शहर की जींद कैंची से लेकर खरक पूनिया तक जगह जगह पुलिस ने नाके लगाए हुए थे। डीएसपी जयपाल सिंह व थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह अतिरिक्त पुलिस बल के साथ इस दौरान क्षेत्र में गश्त करते रहे।
इन मांगों को लेकर किसानों ने लगाया जाम
किसानों की सभी फसलें एमएसपी मूल्य पर खरीदी जाएं व सभी फसलें आढ़ती के माध्यम से खरीदी जाएं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पूर्ण रूप से लागू की जाए। सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों व पात्रता परीक्षा के लिए बच्चों के गृह जिलों में ही पेपर लिए जाएं। किसानों को पेंशन 60 साल की उम्र के बाद 5 हजार रुपये प्रतिमाह दी जाए। किसानों को गन्ना फसल का पूरा भुगतान किया जाए। 31 दिसंबर 2018 तक बिजली कनेक्शन के लिए भरी गई सिक्योरिटी के आधार पर जल्द कनेक्शन किए जाएं। सरकार ने जो नहरी आबियाना बढ़ाया है उसे तुरंत वापिस लिया जाए। विरोध प्रदर्शन करने वालों में बिल्लु खांडा, रामफल कंडेला, प्रदीप मिर्चपुर, कृष्ण ढाड, सूरजमल, नीर, शिवलाल राजली, कृष्ण राजली आदि सहित काफी संख्या में भारतीय किसान यूनियन के सदस्य मौजूद थे।