अमर उजाला ब्यूरो
नारनौंद। बास तहसील के गांव धर्मखेड़ी में पंचायती जमीन पर अवैध रूप से बने मकानों पर प्रशासन ने पीला पंजा चलाया। लोकायुक्त कोर्ट की तरफ से जिला प्रशासन को गांव में बने 44 अवैध मकानों से कब्जा हटवाकर पंचायत के कब्जे में देने के आदेश दिए गए थे। जिस पर बास के तहसीलदार प्रताप सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया। प्रशासन ने किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया हुआ था।
गांव धर्मखेड़ी में पंचायती भूमि पर 67 लोगों ने अवैध रूप से मकान बनाकर कब्जा किया हुआ था। 2014 में धर्मखेड़ी निवासी धर्मपाल ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए कोर्ट में केस कर दिया। इससे पहले 5 दिसंबर को प्रशासन ने 49 मकानों से अवैध कब्जे हटवा दिए, जिसमें से कुछ ने स्टे आर्डर पेश कर दिए थे। मगर ग्रामीणों ने फिर से उसी जगह पर कब्जा कर लिया था। लोकायुक्त अदालत के आदेश पर प्रशासन ने वीरवार को 44 मकानों को गिराने के निर्देश जारी कर दिए। 18 लोगों का अब भी कोर्ट केस चल रहा है। इन सभी 44 मकान मालिकों को काफी बार ग्राम पंचायत व बास तहसील कार्यालय की तरफ से मकान खाली करने के लिए नोटिस जारी भी किए गए।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट बास तहसीलदार प्रताप सिंह व उनके साथ नायब तहसीलदार रामचंद को लगाया गया। बास थाना प्रभारी साधुराम के नेतृत्व में भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रशासन ने जेसीबी से मकान तोड़ने की कार्रवाई शुरू करवा दी। बीच-बीच में कुछ लोगों ने गांव के सरपंच प्रतिनिधि राजेश व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बहस भी की। मगर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अपना कार्य जारी रखा और विरोध करने वाले लोगों को वहां से खदेड़ दिया। शाम तक प्रशासन ने 44 में से करीब 27 मकानों को तोड़कर जगह को खाली करवाकर पंचायत के कब्जे में दे दिया। 17 लोगों ने मौके पर अधिकारियों को स्टे आर्डर की कॉपी दिखाई, जिससे उन मकानों को प्रशासन ने कोर्ट के फैसले तक के लिए छोड़ दिया।
कोर्ट के आदेश पर मकान तोड़ने की कार्रवाई की गई है। 27 मकानों से अवैध कब्जे हटा दिए गए हैं। 17 लोगों ने स्टे ऑर्डर की कॉपी दिखाई है। इसलिए उनको छोड़ दिया गया। अब पंचायत को कब्जा दिलवा दिया गया है।
-प्रताप सिंह, तहसीलदार बास।
लोकायुक्त कोर्ट के आदेश पर मकान तोड़ने की कार्रवाई हुई है। पिछली पंचायत के समय से ही यह कार्रवाई शुरू की गई थी। 27 मकानों को तोड़ा गया है। 17 मकान स्टे होने के कारण रह गए हैं। इससे पहले 5 दिसंबर को कब्जे हटवाए गए थे। मगर ग्रामीणों ने फिर से कब्जे कर लिए। खाली करवाई गई सारी जमीन को पंचायत अपने कब्जे में लेगी।
-मुकेश देवी, सरपंच ग्राम पंचायत धर्मखेड़ी।