अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सीजेएम निधि बंसल की अदालत ने सीएम मनोहर लाल खट्टर पर देवी भवन मंदिर में काला तेल फेंकने के आरोपी जाखोद खेड़ा गांव के प्रवीण कुमार की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। यह घटना आठ दिन पहले हुई थी।
आरोपी के अधिवक्ता जेपी बैनीवाल ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस ने सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया था। केस में बाद में अनलाफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट जोड़ दिया गया। इस केस में यह एक्ट नहीं बनता और एक्ट हटाया जाए और उनके मुवक्किल को जमानत दी जाए। सिटी थाना प्रभारी ललित कुमार व एसआई रोहताश कुमार ने जवाब देकर कहा कि केस में एक्ट बनता है, तभी लगाया है। आरोपी की जमानत न दी जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी जेल में बंद है।
यह है पूरा मामला
सीएम मनोहर लाल खट्टर का 17 मई को शहर में रोड शो था। सीएम रोड शो से पहले देवी भवन मंदिर में पूजा करने गए थे। आरोप है कि वहां काफिले के साथ जाखोद खेड़ा का प्रवीण घुस गया था। उसने बोतल से सीएम पर काला तेल फेंक दिया था, जो सीएम के कपड़ों पर गिरा था। पुलिसकर्मियों ने प्रवीण वहीं दबोच लिया था। आरोपी ने अगले दिन कोर्ट में पेश होने से पहले मीडिया को बताया था कि मेरी बहन और उसके पति का तलाक का केस चल रहा था। उसे लगा कि उस मामले में किसी भाजपा नेता ने दूसरे पक्ष की मदद की है। उसने इसी से चिड़कर सीएम पर काला तेल फेंका था। अब मैं सीएम से माफी मांगता हूं, मुझे पछतावा है।