अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नगर निगम गो अभयारण्य की जमीन पर खेती भी करवाएगा। पशुओं को संकट के समय हरे चारे की कमी न रहे, इसको लेकर हरा चारा की खेती की जाएगी। निगम ने इसको लेकर साढ़े 12 एकड़ जमीन पर हरे चारे की खेती करवाने के लिए टेंडर लगाया है। यह टेंडर बोली पर छूटेगा। जो व्यक्ति साढ़े 12 एकड़ जमीन पर हरे चारे की खेती तैयार करके देगा, उसे नगर निगम टेंडर दे देगा।
अधिकारियों ने बताया कि ढंढूर स्थित बोली पर दी जाने वाली जमीन दो हिस्सों में हैं। ये सवा छह एकड़ के दो टुकड़े हैं। इन दोनों जमीनों पर ही खेती करनी है। कांट्रेक्ट बेस पर इस जमीन में हरा चारा उगाया जाना है।
दोनों हिस्सों की जमा करवानी होगी धरोहर राशि
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दोनों हिस्सों के लिए अलग धरोहर राशि जमा करवानी होगी। एक हिस्से के 10 हजार रुपये धरोहर राशि होगी। यानी दोनों टुकड़ों के 20 हजार रुपये धरोहर राशि जमा करवानी होगी। अधिकारियों का कहना है कि 27 जुलाई को निगम कार्यालय में दोपहर एक बजे बोली होगी। बोली देने वालों को मौके पर ही शर्तें बताई जाएंगी।
नंदीशाला में भी चारे का संकट, मर रहे पशु
भूख-प्यास के कारण नगर निगम के रजिस्टर्ड बाड़े में भी चारे का पहले ही संकट रहता है। अगर निगम अपनी जमीन पर चारे की खेती करवाता है तो कुछ राहत जरूर मिलेगी। क्योंकि धांसू रोड पशुबाड़े में सैकड़ों पशु भूख के कारण मर चुके हैं। वर्तमान में यह पशु बाड़ा समाजसेवियों के सहारे चल रहा है। वहां पर 1800 से ज्यादा नंदी रखे गए हैं।
खूब चर्चा में रहा था मामला, समाजसेवी आए थे आगे
पशुबाड़े में पशुओं की मौत का मामला खूब चर्चा में रहा था। हर रोज नंदी बाड़े में औसतन चार से पांच पशुओं की मौत हो रही है। मामला मीडिया में आया तो खूब चर्चा में रहा। कुछ समाजसेवी आगे भी आए, उन्होंने सूखे व हरे चारे का प्रबंध भी करवाया।
साढ़े 12 एकड़ जमीन को हरे चारे के लिए बोली पर देना है। इसको लेकर नगर निगम कार्यालय में 27 जुलाई का समय रखा गया है।
- इंद्रजीत कुल्हड़िया, ईओ नगर निगम
साढ़े 12 एकड़ जमीन की 27 को होगी बोली