एसबीआई मैनेजमेेंट की सहयोगी बैंकों के प्रति नकारात्मक नीतियों के विरोध और अपनी मांगों के समर्थन में देश भर के बैंक कर्मियों ने एआईबीईए के आह्वान पर शुक्रवार को एक दिवसीय हड़ताल करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
जिले भर के सैकड़ों कर्मचारी रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित एसबीओपी के क्षेत्रीय कार्यालय पर एकत्र हुए और एचबीईएफ की हिसार इकाई के प्रधान टीके अग्रवाल की अध्यक्षता में धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की।
हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा, जिससे लगभग पांच सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
हरियाणा बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के प्रेस प्रवक्ता जगदीश नागपाल ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन ने एकतरफा निर्णय लेते हुए अपनी सेवा शर्त व कार्य शर्तें सभी सहयोगी बैंक कर्मियों पर भी थोपने की साजिश रची है, जिसका कर्मचारी पुरजोर विरोध करते हैं।
एचबीईएफ के सचिव वीएल शर्मा ने सहयोगी बैंक कर्मियों की मांगों को उचित ठहराते हुए कहा कि बैंक कर्मियों की सेवा शर्तें आईबीए व यूनियनों के द्विपक्षीय समझौते के माध्यम से निर्धारित की जाती हैं व एसबीआई मैनेजमेंट को इसमें बदलाव का कोई अधिकार नहीं है।
शर्मा ने कहा कि मैनेजमेंट ने हमारे ट्रेड यूनियन अधिकारों पर अटैक करने की कोशिश की है, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक कॅरियर प्रोग्रेशन स्कीम को वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन को उत्तरी जोन जीवन बीमा निगम के उपाध्यक्ष त्रिलोक बंसल, पीएनबी स्टाफ एसोसिएशन के उप प्रधान हरीश धमीजा, सेंट्रल बैंक इंप्लाइज के उप प्रधान राजेश सरदाना, अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमएल सहगल व वरिष्ठ कर्मी नेता रूप सिंह ने भी संबोधित करते हुए अपना समर्थन देने का एलान किया।
धरना प्रदर्शन में एचबीईएफ के जोनल सचिव राजेश गर्ग, जितेंद्र मित्तल, अशोक कुमार, सुमन, प्रेमलता, सुरजीत, दिनेश जैन, प्रताप, त्रिलोक बंसल सहित सैकड़ों कर्मी मौजूद थे।