फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुराने शहर, लाल डोरे की प्रॉपर्टी पर भी देना होगा 5 प्रतिशत विकास शुल्क

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। नगर निगम के दायरे में अब तक 120 से 576 रुपये तक प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क जमा कराने वाले लोगों को अब कलेक्टर रेट के हिसाब से विकास शुल्क जमा कराना होगा। रिहायशी व कॉमर्शियल भवन के लिए नक्शा पास कराने के लिए यह शुल्क देना होगा। पुराने शहर के दायरे में आने वाले लोगों और लाल डोरा के क्षेत्र में आने वाली प्रॉपर्टी पर भी यह विकास शुल्क लागू होगा। अब तक यह दोनों श्रेणी विकास शुल्क के दायरे से बाहर थी। पहले मकान बना चुके लोगों को भी बकाया का भुगतान करना होगा। अगर आपकी कॉलोनी का सर्कल रेट 20 हजार रुपये है तो आपको 1000 रुपये प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क देना होगा।
विज्ञापन

शहरी स्थानीय निकाय की नई अधिसूचना के अनुसार अब अब शहरों में कलेक्टर रेट का पांच प्रतिशत के हिसाब से विकास शुल्क देना होगा। यह नियम सभी शहरों में लागू होगा। अनुसार पुरानी म्यूनिसिपल लिमिट, लाल डोरा, कोर एरिया, वैध कालोनी, नोटिफाई कॉलोनी में रिहायशी, कॉमर्शियल, संस्थागत व औद्योगिक से विकास शुल्क 5 प्रतिशत की दर से वसूला जाएगा। अब तक पुराना शहर, लाल डोरा विकास शुल्क से मुक्त था। रिहायशी एरिया की अन्य कालोनियों से 120 रुपये प्रति गज विकास शुल्क लिया जाता था। वर्ष 2010 में मंजूर हुई कॉलोनियों से 302 और इसके बाद अधिकृत हुई कॉलोनियों से 576 रुपये प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क लिया जाता था। कॉमर्शियल एरिया में 1050 रुपये से 1255 रुपये प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क लिया जाता था। नई अधिसूचना के अनुसार जो लोग विकास शुल्क जमा करा कर एनओसी ले चुके उन्हें भी वर्तमान रेट के हिसाब से शुल्क देना होगा। पहले जमा किया गया पैसा काटकर बाकी उन पर बकाया दिखाया जाएगा।
नगर निगम में हर महीने 350 से 450 लोग भवन के नक्शे को लेकर विकास शुल्क जमा कराते हैं। मकान बनाने के लिए लोन लेने, रैंट एग्रीमेंट, नो ड्यूज सर्टिफिकेट के लिए विकास शुल्क जमा कराना अनिवार्य होता है। नगर निगम ने इस बार विकास शुल्क से 4.5 करोड़ का लक्ष्य रखा था। इसमें अब तक करीब 2 करोड़ रुपये का विकास शुल्क आया है।
विज्ञापन

जिले की वेबसाइट पर जारी हुई कलेक्टर रेट की सूची
जगह का नाम कमर्शियल रिहायशी
ऑटो मार्केट 60000 --
आदर्श नगर 25000 14000
अग्रवाल कॉलोनी 35000 20000
अग्रसैन कॉलोनी 34000 14000
अमरदीप कॉलोनी 15000 10000
बैंक कॉलोनी 35000 15000
12 क्वार्टर रोड 20000 12000
बड़ वाली ढाणी 30000 12000
भगत सिंह चौक क्षेत्र 65000 16000
बस स्टैंड से ऑटो मार्केट 65000
बस स्टैंड से नागरिक अस्पताल 65000
डाबड़ा चौक 65000 --
चंद्रलेन कॉलोनी 30000 15000
छोटू राम कॉलोनी 30000 15000
डीसी कॉलोनी 60000 23000
डीएन कॉलेज रोड 45000 16000
डिफेंस कॉलोनी 55000 20000
देव नगर 15000 10000
देवी भवन रोड 40000 16000
मॉडल टाउन एक्सटेंशन 25000 15000
फव्वारा चौक एरिया 65000 --
गांधी चौक 65000 25000
ग्रीन पार्क एरिया 65000 35000
डाबड़ा चौक से आईटी आई रोड 65000 15000
जहाजपुल एरिया 45000 15000
जैन गली 60000 18000
जवाहर नगर 45000 20000
जिंदल चौक 65000 20000
ज्योतीपुरा मोहल्ला 40000 20000
काली देवी मंदिर एरिया 25000 11000
शांति नगर 25000 12000
कैमरी रोड एरिया 45000 16000
कृष्णा कॉलोनी 12000 9000
कुंजलाल गार्डन 30000 15000
लाजपत नगर 60000 20000
एमसी कॉलोनी 60000 25000
महाबीर कॉलोनी 30000 10000
आजाद नगर 25000 12000
सेक्टर व टीपी स्कीम के रेट पर संशय...
अधिसूचना में म्युनिसिपल लिमिट की बात कही गई है। निगम के दायरे में आने वाले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर, टाउन प्लानिंग स्कीम के तहत विकसित कॉलोनियों में विकास शुल्क कितना होगा। इस बारे में अभी स्पष्ट नहीं है। बता दें कि सेक्टर एरिया में भवन के मैप एचएसवीपी के अधिकारी करते हैं।
विकास शुल्क के बारे में अधिसूचना जारी हुई है। इस बारे में सरकार की ओर से लिए गए फैसले को लागू किया जाएगा। अधिसूचना की प्रति के अनुसार काम किया जाएगा। - अशोक गर्ग, निगम आयुक्त, हिसार
कितना देना होगा विकास शुल्क ऐसे समझें...
मान लीजिए आपकी कॉलोनी का कलेक्टर रेट 20000 रुपये प्रति गज है
तो 20000 गुणा 5 डिवाइड बाई 100 = 1000
आपको 1000 रुपये प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क देना होगा।
कॉलोनी का कलेक्टर रेट 50000 रुपये गज होगा तो आपको 2500 रुपये गज के हिसाब से विकास शुल्क देना होगा।
कोरोना और महंगाई की मार का सामना कर रहे लोगों पर कलेक्टर रेट पर पांच प्रतिशत विकास शुल्क लगा कर भारी आर्थिक भार डाल दिया है। कैबिनेट मंत्री एवं हिसार के विधायक डॉ. कमल गुप्ता का यह उपकार हिसार की जनता कभी नहीं भूलेगी। बजट में कुछ राहत देने की बजाए भारी बोझ डाल दिया। शहरी निकाय विभाग अपने इस फैसले को वापस ले, अन्यथा हिसार संघर्ष समिति बड़ा कदम उठाएगी। - जितेंद्र श्योराण, अध्यक्ष, हिसार संघर्ष समिति
शहरी निकाय विभाग की ओर से डेवलपमेंट चार्ज की दर में 10 से 20 गुना से भी अधिक वृद्धि कर आम आदमी की कमर तोड़ने का काम किया है। शहरी नागरिकों से सरकार अब भारी-भरकम डेवलपमेंट चार्ज वसूलेगी। 100 वर्ग मीटर प्लाट का नक्शा पास कराने के लिए सरकारी खाते में दो लाख रुपये जमा कराने होंगे। विकास शुल्क जमा कराने के बाद ही निर्माण की अनुमति मिलेगी। - रमेश चुघ, प्रवक्ता ,इनेलो
विकास शुल्क के नाम पर कलेक्टर रेट पर विकास के नाम पर 5 प्रतिशत शुल्क लगाना अनुचित है। जनता की जेबों में डाका डालने के समान है। यह फैसला वापस नहीं लिया तो प्रदेश का व्यापारी व आम नागरिक सरकार के गलत फैसले के विरोध में सड़कों पर उतर आएगा। गरीब, मध्यम व आम जरूरतमंद व्यक्तियों को रहने के लिए मकान बनाना बड़ा भारी महंगा हो जाएगा। बेतहाशा महंगाई, बेरोजगारी से परेशान जनता पर नए नियम बनाकर भारी भरकम टैक्सों की वसूली गलत है। - बजरंग गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल।
बजट से पहले ही शहरों में एकीकृत रेट बढ़ाने के नाम पर आमजन व गरीब पर विकास शुल्क की बड़ी मार डाली है। नए रेट लागू होने से अब गरीब को अपना आशियाना बनाना भी महंगा हो गया है। नगर निगम,नगर परिषद व नगर पालिकाओं में भवन प्लान, रिवीजन प्लान, आक्यूपेशन, एनओसी व नोड्यूज सर्टिफिकेट लेते समय अब 5 प्रतिशत बढ़ाए गए रेट लागू होंगे, जिससे गरीब को बेहत मुश्किलों का सामना करना होगा। - रामनिवास राड़ा, पूर्व प्रत्याशी, हिसार विधानसभा
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें