हिसार। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूल 25 फीसदी सीटें दिखाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। निदेशालय की सख्ती के बावजूद प्रदेश स्तर पर 4835 और हिसार जिले के 777 में से 358 (46 फीसदी) निजी स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने आरटीई योजना से मुंह फेरा हुआ है।
प्रदेश स्तर पर सर्वाधिक फरीदाबाद में 597, गुरुग्राम में 411, हिसार में 358, करनाल में 323 व पलवल में 287 निजी स्कूलों ने पोर्टल पर आरटीई के तहत सीटों की जानकारी नहीं दी है। वहीं, चरखी-दादरी में 56, पंचकूला में 73, सिरसा में 107, जींद में 113, नूंह मेवात में 134 निजी स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने जानकारी नहीं दी है।
आरटीई के तहत जो निजी स्कूल गंभीर नहीं है। उसको लेकर रणनीति तैयार की जा रही है। ऐसे स्कूलों के पास नए दाखिले करने की पावर नहीं होगी। पोर्टल पर सीटें दिखाने के 24 घंटे बाद ही वे पोर्टल पर नया दाखिला कर सकेंगे। - शकुंतला सिंधू, असिस्टेंट डायरेक्टर, शिक्षा निदेशालय, पंचकूला।