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डेंगू के 41 नए मामलों के साथ आंकड़ा 684 पर पहुंचा

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डेंगू के 41 नए मरीज, आंकड़ा पहुंचा 684
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मेयर के डेंगू होने की निगम में फैली अफवाह, पुष्टी नहीं
पीए बोले : बुखार के चलते घर पर ही आराम कर रहे मेयर
हिसार। जिले में बुधवार को डेंगू के 41 नए मामले सामने आए हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि अभी तक 3603 डेंगू आशंकित लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 684 लोगों में डेंगू मिला है। 618 व्यक्ति डेंगू से रिकवर हो चुके हैं । फिलहाल जिले में 65 डेंगू सक्रिय मरीज हैं। मेयर गौतम सरदाना को डेंगू होने की अफवाह रही। मेयर से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। उनके पीए ने कहा कि मेयर को डेंगू नहीं बुखार है। जिसके चलते चिकित्सक की सलाह अनुसार आराम कर रहे हैं।
ब्लीडिंग मामले में टोहाना से मंगवानी पड़ी एसडीपी किट
डेंगू से ब्लीडिंग होने का हिसार में पहला मामला सामने आया है। निजी अस्पताल में दाखिल लाहोरिया चौक एरिया निवासी एक 20 वर्षीय युवती को चार दिन पहले बुखार हुआ था। निजी लैब की रिपोर्ट में युवती डेंगू पॉजिटिव मिली थी। मंगलवार रात युवती के शरीर के कुछ हिस्सों से ब्लीडिंग शुरू हो गई। जिसके चलते देर रात टोहाना से एक एसडीपी किट मंगवानी पड़ी। एसडीपी लगाने के बाद युवती की हालत में सुधार हुआ।
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फतेहाबाद भेजा जाएगा सीआरबीसी
रैंडम डोनर प्लेटलेट्स निकालने पर नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में पैक्ड रेड ब्लड सेल्स (सीआरबीसी) की 300 यूनिट एकत्रित हो चुकी है। इसे खराब होने से बचाने के लिए फतेहाबाद भेजा जाएगा। ब्लड बैंक अधिकारी की तरफ से इसे खराब होने से बचाने के लिए और खपत के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया था। उच्चाधिकारियों ने 300 सीआरबीसी ब्लड को अब फतेहाबाद के ब्लड बैंक में भेजने के आदेश दिए हैं।
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ब्लड ट्रिपल बैग की भी कमी
जिले में एसडीपी न मिलने पर आरडीपी से काम चलाया जा रहा है। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 लोगों को आरडीपी दी जा रही है। इसी दौरान 20 से 25 यूनिट सीआरबीसी और इतनी ही मात्रा में फ्रेश फ्रोजन ब्लड भी निकलता है। जो ब्लड बैंक में फ्रीजर में स्टोर करना पड़ रहा है। एक तरफ जहां सिंगल डोनर प्लेटलेट्स और रैंडम डोनर प्लेटलेट्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी और निजी लैब में सीआरबीसी की स्टोरेज बढ़ती जा रही है। रैंडम डोनर प्लेटलेट्स निकालते समय फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (एफएफपी) और सीआरबीसी भी साथ निकलती है। सीआरबीसी की एक्सपायरी 35 दिन में हो जाती है। एफएफपी को एक साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है। आरडीपी के लिए ब्लड ट्रिपल बैग की भी कमी हो गई है।
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ब्लड बैंक - किट
नलवा ब्लड बैंक - 0
सर्वोदय ब्लड बैंक - 0
मंगलम ब्लड बैंक - 0
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वर्जन -
हमारे पास किट उपलब्ध नहीं है। एसडीपी की डिमांड को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
- डॉ. जेपीएस नलवा, नलवा ब्लड बैंक, हिसार।
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