अमर उजाला ब्यूरो
बालसमंद। नदीम के भाई-बहन को घर से ही जब बेरी का वह पेड़ दिखाई देता है, जिसके पास बोरवेल में उनका भाई नदीम गिर गया था, तो वे सहम उठते हैं। परिजन जब मजाक में भी ये पूछते हैं कि फिर जाओगे बेरी की तरफ तो, बच्चे सहम कर न केवल चुप हो जाते हैं, बल्कि अपनी अम्मी गुलशन की तरफ भागकर उससे लिपट जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि 20 मार्च की शाम आइना, आइसा, साजिदा, समीर व तालीम अपने घर से मात्र 500-600 मीटर दूर बेरी के पेड़ से बेर खाने के लिए गए थे और डेढ़ साल के नदीम को भी साथ ले गए थे। वहां खेलते-खेलते नदीम खुले बोरवेल में गिर गया था। बच्चों ने नदीम को बोरवेल में गिरते देखा था, जिसके बाद से वे सहमे हुए हैं। उसके बाद नदीम बचाने के लिए दो दिन तक जो अभियान चला, उससे उन्हें यह तो समझ आ गया कि इतने सारे लोग नदीम को बाहर निकालने के लिए इकट्ठा हुए हैं, लेकिन नदीम का क्या हुआ है, इसके बारे में उन्हें अभी तक मालूम नहीं है। हालांकि उनके पिता ने उन्हें कहा है कि नदीम अस्पताल में है और जल्दी घर आ जाएगा, जिसके बाद वे उसका इंतजार कर रहे हैं।
घर पर बांटी जा रही मिठाई
नदीम को गहरे बोरवेल से निकालने के बाद हर किसी के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है। बच्चे को निकालने के बाद ही ग्रामीणों ने होली मनाई। शनिवार को नदीम के घर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मिठाई खिलाई जा रही थी। घर पर खुशी का माहौल बना हुआ है।
मां गुलशन हुई सामान्य, घर के कामों में जुटी
नदीम के बोरवेल में गिरने के बाद से उसकी मां गुलशन का बुरा हाल था। कोई भी उससे कुछ नदीम का नाम लेकर पूछता था तो उसके मुंह से आवाज ही नहीं निकल पाती थी और आंखों से आंसू टपक पड़ते थे। अब चूंकि गुलशन को इस बात का यकीन है कि उसका बेटा नदीम जल्द ठीक होकर घर वापस आ जाएगा तो उसके दिल को तसल्ली मिली है, जिसके चलते वह सामान्य होने लगी है। गुलशन घर के कार्यों में जुट गई है। इसके अलावा बच्चे भी उसका हाथ बंटा रहे हैं।