गेस्ट टीचर बोले, सरकार का धन्यवाद पर नियमित होने तक जारी रहेगा धरना
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
पिछले 37 दिनों से केबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर बैठे गेस्ट टीचर्स को वीरवार की रात एक राहत भरी खबर मिली। शिक्षा विभाग की तरफ से हटाए गए गेस्ट जेबीटी और लो मेरिट जेबीटी को नियुक्ति देने के आदेश जारी किए हैं। गेस्ट टीचरों ने एक तरफ जहां सरकार का धन्यवाद करते हुए इसे अपनी आधी जीत बताया है, वहीं नियमित होने तक धरना जारी रखने की बात कही।
शिक्षा विभाग के आदेशों अनुसार करीब तीन महीने पहले 1200 के करीब गेस्ट टीचरों को सरप्लस बताकर हटा दिया था। इसके बाद गेस्ट टीचरों ने करनाल में रैली कर अनिश्चितकाल के लिए आंदोलन करने का बिगुल बजाया था। एक नवंबर को काला दिवस मनाकर शुरू किए धरने को चलते हुए वीरवार को 37 दिन हो गए थे। वीरवार की रात को शिक्षा विभाग ने सभी मौलिक जिला शिक्षा अधिकारियों को लिखित में नियुक्ति के आदेश जारी किए। इसकी सूचना मिलते ही एक तरफ जहां गेस्ट टीचरों ने दोबारा नियुक्ति देने के लिए सरकार का धन्यवाद किया, वहीं बताया कि उनका धरना नियमित होने तक जारी रहेगा। इस पत्र में सभी लो मेरिट जेबीटी को भी नियुक्ति देने के आदेश शिक्षा विभाग ने जारी किए हैं।
तदर्थ आधार पर होगी नियुक्ति
मौलिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी किए पत्र के आधार पर उन्हें पूर्णतया तदर्थ आधार पर जनहित में सरकार द्वारा जारी हिदायतों 8 मई 1991 में छूट देते हुए पूर्णतया तदर्थ आधार पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। इनको 21 हजार 715 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।
कभी भी हटाया जा सकता है
पत्र में ये भी साफ लिखा गया है कि इन अध्यापकों की सेवाएं बिना किसी नोटिस के, किसी भी कारण से ओर किसी भी समय समाप्त की जा सकती हैं, लेकिन नियुक्ति वर्कलोड और मेरिट के आधार पर ही कि जाएगी।
क्या कहते हैं गेस्ट टीचर
गेस्ट टीचरों के प्रदेश प्रवक्ता अजय लोहान ने हटे हुए जेबीटी को दोबारा नियुक्ति होने पर अपने आंदोलन की जीत बताया, वहीं इसके लिए सरकार का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि अभी तो आधी जीत हुई है । नियमित होने तक गेस्ट टीचरों का धरना जारी रहेगा।