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मेडिकल कॉलेज में पांच दिन से नहीं आ रही दवा, दो मरीजों की मौत

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हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच दिनों से ब्लैक फंगस संक्रमण (म्यूकरमाइकोसिस) इलाज में कारगर इंजेक्शन और दवा नहीं आ रही हैं। दवा नहीं मिलने से शुक्रवार को ब्लैक फंगस संक्रमण के दो मरीजों की मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक दोनों ही मरीजों में फंगस का संक्रमण ब्रेन तक जा पहुंचा था।
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इनमें से एक मरीज तो शुक्रवार को ही अस्पताल में आया था और आने के कुछ देर बाद मौत हो गई। इसका कारण है कि मरीज देरी से अस्पताल पहुंचा और चौथे चरण तक संक्रमण फैल चुका था। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के छह नए मामले पहुंचे। फिलहाल अस्पताल के म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में 86 मरीज दाखिल हैं। वार्ड में दाखिल मरीजों का भी सब्र टूटने को आ पहुंचा है। जब इस बारे में कुछ मरीजों सेे बातचीत की गई तो मरीज बोले कि चार-पांच दिन सेेे इंजेक्शन नहीं लग रहे हैं और ना ही दवा मिल रही हैं। इस वजह से हालत खराब होती जा रही है।
उधर शुक्रवार को आंख रोग विभाग और ईएनटी विभाग के चिकित्सकों ने मिलकर ब्लैक फंगस संक्रमण के आठ मरीजों के ऑपरेशन किए। इन सभी मरीजों के चिकित्सकों ने नई विधि से ऑपरेशन किए हैं। इसके तहत मरीजों की ऑपरेशन के समय कम से कम नसें काटी गईं, ताकि फंगस का संक्रमण आगे न फैले। अब इन मरीजों को ऑपरेशन केेेे बाद वैकल्पिक दवा दी गई है।
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ऐसे फैलता है फंगस का संक्रमण
- पहले मरीज को नाक से फंगस का संक्रमण शुरू होता है।
- फिर फंगस आंखों तक पहुंचता है जिससे आंखें खो देने का खतरा रहता है।
- इसके बाद फंगस मरीज में ब्रेन तक जा पहुंचा है, जिससे मरीज की मौत होने की आशंका अधिक रहती है।
अब 22 मरीजों हो चुकी है मौत
अब तक मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस संक्रमण के कारण 22 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा अस्पताल में 45 मरीजों के एंडोस्कोपी के जरिये ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
रिश्तेदारों से संपर्क साध रहे मरीज
मेडिकल कॉलेज में दाखिल ब्लैक फंगस संक्रमण के मरीज दवा और इंजेक्शन के लिए किसी रिश्तेदार, बाहरी जिले या राज्य से संपर्क साध रहे है। मगर उन्हें दवा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पिछले 5 दिनों से मरीज से बिना दवा के ही अस्पताल में दाखिल हैं, जिससे मरीजों में संक्रमण फैलने की आशंका है।
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