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नेशनल हाइवे पर बैठे किसान, तीन घंटे बाधित रखा

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अमर उजाला ब्यूरो
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बरवाला।
विभिन्न किसान संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को क्षेत्र के किसानों ने स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों और अन्य समस्याओं को दूर करने की मांग को लेकर हुंकार भरी। किसान नेताओं ने कहा हम कोई भीख नहीं मांग रहे। केवल और केवल अपना हक चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावों के दौरान 29 जनसभाओं में जो शब्द बार बार दोहराया था हम चाहते है अपने द्वारा कहे गए शब्दों पर प्रधानमंत्री अमल करें। किसानों को आज न तो बिजली मिल रही और न ही पानी। ऊपर से सरकार ने किसानों पर फसल बीमा योजना थोप दी है। शुक्रवार को हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे पर गांव सरसौद के नजदीक किसानों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन स्थल पर किसान नेताओं की ये बातें सुनने को मिली।
दरअसल, मध्यप्रदेश के किसानों के समर्थन में शुक्रवार को क्षेत्र के किसानों ने भी हुंकार भरते हुए हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे को तीन घंटे के लिए बाधित कर दिया। भारतीय किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों ने सरसौद के नजदीक पॉवर स्टेशन के सामने सड़क के बीचों बीच बैठकर जाम लगाते हुए पहले तो उन किसानों को श्रद्धांजली दी जो की कुछ रोज पहले आंदोलन में मारे गए थे। उसके बाद किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। किसानों ने ऐलान किया कि यह तो अभी सांकेतिक धरना है। धरने में महिलाओं की संख्या भी काफी नजर आई। वहीं, किसानों को समर्थन देने के लिए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता महेंद्र पूनिया भी धरना स्थल पर पहुंचे। किसान नेता सुरेश कौथ, बलवान सुंडा, हिम्मत सिंह, विकास, होशियार, राजू भगत, शीला भ्याण, अजीत लितानी, किताब सिंह, धारा सिंह मलिक, विजेंद्र मलिक, सतीश ढाका, धर्म सिंह सरसौद, राज सिंह आदि ने संबोधित किया।
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20 को कनौह गांव में किसानों की महापंचायत
वक्ताओं ने कहा कि 20 जून को कनौह गांव में किसानों की महापंचायत है। यहां हजारों की संख्या में किसान एकत्रित होंगे। उन्होंने कहा कि 19 जून तक सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट व किसानों की अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया तो 20 जून को महापंचायत में आगामी आंदोलन की घोषण की जाएगी। मध्यप्रदेश में किसानों के साथ हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जो किसान, देश के लिए अन्न पैदा करता है। उस किसान को सरकार राहत देने की बजाय अत्याचार की लाठी से पीट रही है।
किसानों ने दोपहर बाद तीन बजे मार्ग किया खाली
दोपहर 3 बजे के बाद किसानों ने स्वयं रोड पर बिछाई गई दरियों को हटा लिया तथा मार्ग खाली कर दिया, जिसके बाद यातायात दोबारा सुचारु हो गया। हालांकि किसानों द्वारा पहले से ही ऐलान किए जाने के चलते प्रशासन भी प्रदर्शन को लेकर मुस्तैद था। ऐसे में नेशनल हाइवे के रूट को डॉयवर्ट किया गया था। बरवाला की तरफ से वाहनों को वाया अग्रोहा रोड होते हुए बालक चौपटा से डॉयवर्ट करते हुए जेवरा, खेड़ी बर्की होते हुए बहबलपुर निकाला गया। इसके अलावा मौके पर दंगा निरोधक वाहन सहित पुलिस बल को तैनात किया गया था।
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कई वाहन फंसे, यात्रियों को पैदल जाना पड़ा
जिस वक्त जाम लगाया गया था, उस दौरान कुछ वाहन बीच में ही फंस गए, ऐसे में यात्रियों को पैदल की अपने गंतव्य की तरफ जाना पड़ा। वाहनों को डायवर्ट करने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में 6 नाके लगाए हुए थे। यहां पुलिस कर्मियों के साथ होमगार्डस की तैनाती की गई थी। प्रशासन की ओर से एसडीएम पृथ्वी सिंह और तहसीलदार राजेश कुमार हालात पर नजर रखे हुए थे। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से डीएसपी जितेंद्र कुमार व प्रदीप सिंह अन्य पुलिस कर्मियों के साथ पॉवर स्टेशन पर पल पल की जानकारी लेते रहे। गुप्तचर विभाग की पूरी टीम भी मौके पर इंचार्ज विनोद शंकर की अगुवाई में हालातों का जायजा लेती रही।

फोटो संख्या - 34 से 36
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