साहब! हम अपणा हक मांगा, भीख कोन्या मांगदे
नारनौंद। गांव भाटोल जाटान, भाटोल रांगड़ान, खरकड़ा, जीतपुरा, बडाला, खरबला व सीसर के सैकड़ों किसानों ने नष्ट हुई खरीफ 2017 की फसल की मुआवजा राशि नहीं मिलने पर गांव भाटोल जाटान स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पर ताला जड़ दिया। इस दौरान किसानों ने मैनेजर व अन्य स्टाफ को बैंक में नहीं घुसने दिया। किसानों ने बैंक व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नष्ट हुई फसल की मुआवजा राशि देने की मांग की। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों से कहा कि साहब! हम अपणा हक मांगा, भीख कोन्या मांगदे।
अनिल बामल, मनदीप बामल, सतपाल भगत, देवेंद्र नंबरदार, राजेश बामल, दलबीर, वेदपाल खरकड़ा, सत्यवान, रामकेश, महा सिंह, राजबीर, अमीर बडाला, राजू पंच, जसवंत, नरेंद्र, पोपल सांगवान, पूर्व सरपंच अजीत सिंह, सतपाल नंबरदार, प्रेम सीसर, भागचंद, नरेश, राजेश, कर्मबीर, सुशील, जगबीर इत्यादि ने बताया कि हमने 4 जनवरी को बैंक मैनेजर नीरज कुमार को ज्ञापन दिया था। उसमें चेतावनी दी थी कि अगर पांच दिन में किसानों की समस्या का समाधान नहीं किया तो 10 जनवरी को बैंक पर ताला जड़ देंगे। बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार उनको यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। इस दौरान उन्होंने कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, प्रशासन व बैंक अधिकारियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सूचना मिलते ही नारनौंद डीएसपी जोगेंद्र राठी व बास थाना प्रभारी साधुराम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को समझाने व मनाने का प्रयास किया। किसान इस बात पर अड़ गए कि उनको बैंक के बड़े अधिकारियों की तरफ से तीन महीने पहले जो आश्वासन दिया गया था, उसका जवाब चाहिए। इसके बाद हिसार से आए बैंक के सीनियर मैनेजर सुभाष ढाका व करनाल से डीआरएम अंजनी कुमार सिंघल ने किसानों से बात की तथा किसानों को बताया कि बैंक उनका समाधान करने में लगा हुआ है। तीन महीने में केंद्र व राज्य सरकारों के पास रिपोर्ट बनाकर भेजी हैं। अब जल्द ही मुआवजा मिल जाएगा। मगर किसान अधिकारियों की बात पर सहमत नहीं हुए। किसानों ने कहा कि यह बताओ पैसा कब तक मिलेगा। जिस पर बैंक अधिकारियों ने 21 जनवरी तक किसानों को अपनी पूरी कार्रवाई करने के लिए समय मांगा। इस पर किसानों ने उन्हें 21 जनवरी तक का समय दे दिया। किसानों ने कहा कि 21 के बाद उन्हें एक तारीख बता देना। जिस समय तक किसानों के खातों में उनका मुआवजा राशि बैंक डाल देगा। उसके बाद हम किसी की नहीं सुनेंगे।
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750 किसानों ने करवाया था बीमा
गौरतलब है कि 6 गावों के 750 किसानों ने 2017 में खरीफ की फसल का बैंक ऑफ बड़ौदा की भाटोल जाटान शाखा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया था। फसलों की औसत कम होने के चलते बीमा पॉलिसी के तहत किसानों को मुआवजा मिला। मगर बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते बैंक कर्मचारियों ने बीमा पॉलिसी के कागजात व पैसे समय पर बीमा कंपनी में जमा नहीं करवाए। इस कारण किसानों को मुआवजा नहीं मिला। एक अक्तूबर को किसानों को कहा गया था कि 31 दिसंबर तक किसानों को मुआवजा मिल जाएगा। जब किसानों को कुछ नहीं मिला तो वीरवार को किसानों ने फिर से बैंक को ताला जड़ दिया।