जाट कॉलेज में अलग से महिला विंग होगी स्थापित, 1280 सीटों पर होगा दाखिला
- हर वर्ष करीब 1800 बेटियां रह जाती थीं दाखिला लेने से वंचित
संदीप रामायण
हिसार।
जाट कॉलेज में अब अलग से महिला विंग बनाई जाएगी। जिले की बेटियों को अपने मनपसंद कोर्स में दाखिला लेने के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। जाट कॉलेज में दाखिला लेने की इच्छुक बेटियों को निराशा हाथ नहीं लगेगी। कॉलेज में अलग से महिला विंग की स्थापना होगी। इसमें 1280 सीटों पर दाखिला किया जाएगा। जाट कॉलेज की ओर से उच्च शिक्षा निदेशालय को इसकी मंजूरी के लिए पत्र लिखा गया है। निदेशालय से मंजूरी मिलने के बाद अगले वर्ष कक्षाएं लगनी शुरू हो जाएंगी। प्रत्येक वर्ष जाट कॉलेज में 1150 छात्राएं भिन्न-भिन्न कोर्सों में दाखिला लेती हैं। हालांकि दाखिला के लिए करीब तीन हजार छात्राएं आवेदन करती हैं। करीब 1800 छात्राओं को दाखिला नहीं मिलने से निराश होना पड़ता है। महिला विंग जाट कॉलेज प्रशासन के दिशानिर्देश में ही काम करेगी।
जिले का पहला कॉलेज होगा, जिसमें होगी अलग महिला विंग
जाट कॉलेज जिले का पहला ऐसा कॉलेज होगा, जिसमें अलग से महिला विंग होगी। विंग में 1280 सीटों के लिए अंडर ग्रेजुएट कोर्सों में दाखिले किए जाएंगे। इससे जिले की 1280 छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की राह आसान होगी। शहर के कॉलेज में दाखिला लेने से वंचित रहने पर छात्राओं को हांसी, नारनौंद, नलवा, आदमपुर या बरवाला के कॉलेजों में दाखिला लेने में विवश होना पड़ता था।
सबसे अधिक आर्ट्स की होंगी सीटें
महिला विंग में सबसे अधिक सीटें आर्ट्स संकाय की होंगी। बैचलर इन आर्ट्स डिग्री करने के लिए 640 सीटें उपलब्ध होंगी। इसके अलावा कॉमर्स, बीएससी मेडिकल, बीएससी नॉन मेडिकल में भी 12वीं पास छात्राएं दाखिला ले सकेंगी।
इन कक्षाओं के लिए इतनी होंगी सीटें
आर्ट्स - 640
कॉमर्स - 320
बीएससी मेडिकल -160
बीएसएसी नॉन मेडिकल - 160
कुल सीटें- 1280
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जाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बिल्डिंग में लगेंगी कक्षाएं
न्यू महिला विंग जाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की बिल्डिंग में चलेगी। स्कूल को सामने वाली बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। जाट कॉलेज और महिला विंग का प्राचार्य एक ही रहेगा, लेकिन महिला विंग में प्राचार्य की जगह एक इंचार्ज की नियुक्ति की जाएगी। महिला विंग के लिए अलग से प्रोफेसर्स की भर्ती की जाएगी।
महिला विंग स्थापित करने के लिए 18 मई को उच्च शिक्षा निदेशालय को मंजूरी के लिए लेटर भेज दिया है। कॉलेज में दाखिला लेने की इच्छुक बेटियों को अब निराशा नहीं मिलेगी। लड़कियां अपने मनपसंद कोर्स में दाखिला ले पाएंगी। हर वर्ष करीब 1500 लड़कियां कॉलेज में दाखिला लेने से वंचित रह जाती थीं। महिला विंग का बनना बेटियों के लिए काफी फायदेमंद रहेगा।
-डॉ. आरएस गोयत, प्राचार्य, जाट कॉलेज