नारनौंद (हिसार)। किसानों को जैविक खेती अपनाने को लेकर एक मिशन बनाकर देशभर में प्रचार व प्रसार के लिए हरियाणा के एक किसान को देश की प्रमुख संस्था ग्लोबल पीस फाउंडेशन ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की है। देशभर में जैविक खेती के प्रचार-प्रसार में जुटे हिसार जिले के गांव खांडा खेड़ी निवासी विक्रम सिंधु ने न केवल देश में, बल्कि विश्व स्तर पर जैविक खेती में एक नई पहचान बनाई है।
देश की प्रमुख संस्था ग्लोबल पीस फाउंडेशन द्वारा कोलकाता में आयोजित ग्लोबल पीस समिट में उन्हें जैविक खेती के कर्णधार के रूप में इस मानद उपाधि प्रदान की है। संस्था द्वारा देशभर में केवल दो ही लोगों को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए इस उपाधि से नवाजा गया है, जिसमें दूसरे भिवानी निवासी अजय वोहरा को यह उपाधि प्रदान की गई है। विक्रम सिंधु ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित जीटीएस वर्ल्ड समिट-2019 में बेस्ट ऑर्गेनिक फार्मर व ट्रेनर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। अप्रैल में हरियाणा के खांडा खेड़ी में भी समृद्ध किसान ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा जहर मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए अजय वोहरा को दो लाख रुपये से सम्मानित किया गया था। प्रदेश के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के गांव खांडा खेड़ी का यह किसान काफी सालों से जैविक खेती से जुड़ा हुआ है और मार्च 2015 में समृद्ध किसान ग्रामीण विकास संस्था का गठन किया। संस्था की तरफ से देश व प्रदेश के किसानों को जैविक खेती के प्रति बिल्कुल फ्री में ट्रेनिंग देने में जुट गए।
हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात
विक्रम किसान के साथ हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर भिवानी में कार्यरत हैं। समूचे क्षेत्र में किसानों को दो रुपये में 15 लीटर आरओ का स्वच्छ पानी ग्रामीणों को मुहैया करवा रहे हैं।