अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
रोड, सीवरेज, पानी, पार्क और स्ट्रीट लाइटों को लेकर खस्ताहाल से जूझ रहे सेक्टरवासियों ने निगम के छह पार्षदों को साथ लेकर घेराव किया। महिलाओं को साथ लेकर पहुंचे सेक्टरवासियों ने नगर निगम को खूब खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि इन खूनी सड़कों को ठीक करो। सुबह 10:30 बजे निगम कार्यालय के मेनगेट के सामने एकत्रित हुए सेक्टरवासियों ने ढोल बजाकर कार्यालय में एंट्री की और कार्यालय के सामने दरी बिछाकर बैठ गए। 11:30 बजे तक ऐसा ही चलता रहा, लेकिन कोई अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं आए। सेक्टरवासियों ने एलान किया कि निगम प्रशासन के पास 15 मिनट है, अगर वे हमारी बातें सुनते हैं तो ठीक, वरना हम पहले निगम में एंट्री करेंगे और फिर जो अंदर रहेंगे, वो अंदर और जो बाहर रहेंगे, वो बाहर रहेंगे। कार्यालय को ताला लगा दिया जाएगा। इंतजार के बाद ढोल लेकर सेक्टरवासी निगम के अंदर रिसेप्शन तक पहुंच गए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद अधिकारियों की नींद खुली और एसई रामजीलाल, एक्सईएन विवेक गिल, एमई अमित कौशिक सहित सभी टेक्निकल विभाग की टीम के सदस्य थे।
यह बोले सेक्टरवासी
कार्यालय में प्रदर्शनकारियों के घुसने के बाद जैसे ही अधिकारी समस्याएं सुनने के लिए पहुंचे तो सेक्टरवासियों ने उन्हें घेेर लिया। उन्होंने कहा कि हम तो गड्ढों में चल रहे हैं और आप ऊपर कार्यालय में घूमने वाली कुर्सियों पर बैठकर हिलोरे ले रहे हो।
15 तक का मिला आश्वासन
लिखित आश्वासन की बात पर अड़े सेक्टरवासियों को अधिकारियों ने लिखित में 15 सितंबर तक काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हर हाल में काम शुरू करवा दिया जाएगा।
नए एस्टिमेट बनाए जाएंगे
अधिकारियों ने कहा कि सेक्टरों की अन्य सड़कों का फिलहाल सर्वे करवाया जा रहा है। जो सड़कें टूटी हुई हैं, उनके 10 सितंबर तक एस्टिमेट बन जाएंगे। इन्हें मुख्यालय भेजा जाएगा। जैसे की ग्रांट आएगी, इन्हें भी ठीक कर दिया जाएगा। सेक्टर 9-11 का स्पेशल एस्टिमेट बनाकर तैयार किया जाएगा।
गारंटी वाली सड़कों को बनाएगा हुडा
एसई रामजीलाल ने कहा कि कई सड़कें गारंटी पीरियड की हैं, वो हुडा ही देखेगा। इस पर सेक्टरवासियों ने कहा कि उनकी लिस्ट हमें दे दो। इसके बाद अधिकारियों ने कहा कि ये लिस्ट हम मंगवा लेंगे, जो भी सड़कें गारंटी पीरियड में हैं, वो हुडा बनाएगा। जिनकी गारंटी खत्म हो चुकी है, उनका एस्टिमेट तैयार करवाकर इसे बनवाया जाएगा।
पांच सदस्यों की बनाई जा सकती है कमेटी
सेक्टरवासियों को समझाया गया कि जब नई सड़कें बने तो सेक्टरवासी या मोहल्ले वाले पांच सदस्यों की कमेटी बना सकते हैं। ये सदस्य निगम को नाम लिखकर दे दें। अगर उन्हें सामग्री को लेकर या लेवल को लेकर किसी तरह की दिक्कत है तो वह इसे ठीक करवा सकती हैं। सेक्टरवासियों ने कहा कि वे 17 सितंबर को इस बारे मीटिंग बुलाएंगे। अगर काम शुुरू नहीं होगा तो वे आगे की रणनीति बनाएंगे।
मेयर को बुलाओ, महिला ही समझेंगी समस्या
बंदरों को लेकर महिलाओं ने कहा कि मेयर शकुंतला राजलीवाला को बुलाओ। वे ही महिलाओं की समस्या समझेंगी। उन्होंने कहा कि बंदरों ने सेक्टरवासियों का जीना हराम कर रखा है। अधिकारियों ने कहा कि हमने तीन बार टेंडर लगाए हैं। यूपी तक विज्ञापन छपवाए हैं। अब एजेंसी ही नहीं आ रही तो हम क्या करें। इस पर लंगूर बंदर की टीम शहर में लाने को लेकर सेक्टरवासियों ने सुझाव दिया।
ये समस्याएं भी रखीं
- पार्कों को लेकर पेमेंट रोके जाने और ठेकेदार के हवाले जितने भी पार्क हैं, उनको मेनटेन न करवाए जाने को लेकर समस्या गिनवाई।
- स्ट्रीट लाइटें जगह-जगह बंद पड़ी हैं।
- लावारिस पशु का अभी तक समाधान न होने।
- सेक्टरों में सफाई में दिक्कत आ रही है
- सीवरेज और पानी की समस्याएं।
इन पार्षदों ने भी लगाए जनता के साथ नारे
सेक्टरवासियों की कॉल पर निगम के छह पार्षद भी पहुंचे। उन्होंने भी अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्षदों में मानसिंह चौहान, टीनू जैन, मास्टर प्रहलाद, महेंद्र जुनेजा व नरेंद्र शर्मा मौजूद थे।
ये रहे मौजूद
जिला प्रधान दलबीर किरमारा, प्रभारी अशोक अरोड़ा के नेतृत्व धरना दिया। मेला ग्राउंड से प्रधान हनुमान सिंह मान, प्रकाश मेहरा, विनोद तोसावड़, बलवान गुर्जर, अनिल बिडलान, संतोष, सरोज देवी, भरती देवी, महाबीर वर्मा, कृष्ण सोनी, सोना, धनपती, ज्ञानो, विद्या, जीवनी, रामदेई, पूनम, कृष्णा, सुमित्रा, सरोज शर्मा, भरतो, सेक्टर 9-11 से प्रधान प्रवीन जैन, सुभाष जैन, रामनिवास बेरवाल, बीबी गुप्ता, रणधीर बूरा, राजेंद्र सैनी, कपिल बंसल, जगबीर सिंह, सेक्टर-14 से प्रधान अमर सिंह यादव आदि मौजूद थे।
मेला ग्राउंड की जो सड़कें गारंटी पीरियड में थीं, उनकी गारंटी जून में खत्म हो गई थी। सेक्टर के लोग निगम में धरना दे रहे हैं, लेकिन कभी हुडा अधिकारियों को कहा तक नहीं। हमारी हुडा अधिकारियों से बात हुई है। अब गारंटी पीरियड खत्म हो गया है। पहले बारिश का मौसम था, अब हम जल्द ही काम शुरू करवा देंगे।
-विवेक गिल, एक्सईएन नगर निगम