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सर्वे करवाए बिना ही एक सप्ताह में शहरवासियों को प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटेगा निगम प्रशासन

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। नगर निगम प्रशासन नया सर्वे करवाए बिना ही एक सप्ताह में शहरवासियों को प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटने की तैयारी में है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय की ओर से जयपुर की जिस कंपनी को प्रॉपर्टी टैक्स संबंधित कामकाज के लिए टेंडर दिया था, उस कंपनी ने खुद काम करने के बजाय पुरानी एजेंसी जीआईएस को ही जिम्मेदारी दे दी है। जीआईएस एजेंसी द्वारा बिल जेनरेट करने का काम चल रहा है। इसलिए एक सप्ताह के लिए प्रॉपर्टी टैक्स के सॉफ्टवेयर का सर्वर भी बंद कर दिया गया है। इस कारण प्रॉपर्टी टैक्स के बिल लेने आ रहे शहरवासियों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। निगम चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों को भी मैनुअली एनओसी देनी पड़ रही है।
यह है पूरा मामला
दरअसल, अक्तूबर की शुरुआत में शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स के सर्वे से लेकर नए बिल बांटने तक की जिम्मेदारी जयपुर की याशी कंपनी को दी गई थी। कंपनी को पहले सर्वे करवाना था। उसके बाद नई प्रॉपर्टी के अनुसार बिल जनरेट करवाकर शहर में बंटवाने थे। मगर याशी कंपनी ने पुरानी एजेंसी को ही काम सौंप दिया है। पहले बिल बांटने का काम अप्रैल में करने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब जल्दबाजी में यह काम इसी सप्ताह शुरू किया जाएगा।
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सर्वे की बार-बार उठाई जा रही थी मांग
पूर्व पार्षदों की ओर से बार-बार प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे करवाने की मांग की जा रही थी। आखिरी बार 2013 में सर्वे किया गया था। 2013 के सर्वे के अनुसार शहर में प्रॉपर्टीज की संख्या 1 लाख 35 हजार हैं। इसमें कॉमर्शियल, रिहायशी भवनों के अलावा खाली प्लॉट भी हैं। इन पांच सालों में खाली प्लॉट ऐसे हैं, जिन पर कॉमर्शियल भवन बन चुके हैं। निगम प्रशासन के पास केवल उन्हीं प्रॉपर्टी की जानकारी पहुंचती है, जो बैंकों से लोन लेकर बनाए जाते हैं। शहर की प्रॉपर्टीज का पुख्ता डाटा तैयार करने के ही सर्वे की मांग उठ रही थी।
उधर, सर्वर बंद होने से ठप हुआ कामकाज
वहीं निगम कार्यालय की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में सर्वर बंद होने से कामकाज ठप हो गया है। सामान्य शहरवासियों को प्रॉपर्टी टैक्स संबंधित बिल नहीं मिल रहे हैं। ब्रांच में लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। निगम चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को भी मैनअुली एनओसी दी जा रही है। वहीं निगम चुनाव लड़ने वालों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच से एनओसी लेने की अनिवार्यता के कारण ब्रांच में भीड़ बढ़ने लगी है।
काउंटर से निराश होकर लौट रहे शहरवासी
दरअसल, प्रॉपर्टी टैक्स का सारा डाटा निगम प्रशासन की ओर से ऑनलाइन किया जा चुका है। सॉफ्टवेयर में डाटा अपलोड हो चुका है। बिल जेनरेट करने, टैक्स जमा करने, एनओसी लेने संबंधी सारा कामकाज इसी सॉफ्टवेयर के जरिये होता है।
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प्रॉपर्टी टैक्स के नए बिल बनकर तैयार हो रहे हैं। अगले एक सप्ताह में शहर में नए बिल बंटवा दिए जाएंगे। इसीलिए सर्वर बंद किया गया है, ताकि तब तक कोई नई एंट्री न हो। सर्वे से पहले बिल इसलिए बंटवाए हैं, ताकि 31 दिसंबर तक 30 प्रतिशत ब्याज में छूट का लाभ लोगों को मिल सके। इसके बाद सर्वे भी करवाया जाएगा।
-पृथ्वीराज, अधीक्षक प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच
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