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उमरा में हुई सातबास की पंचायत में लिया फैसला, गांव की सीमा में नहीं होगा वित मंत्री का विरोध

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अमर उजाला ब्यूरो
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हांसी। गांव उमरा में शनिवार से शुरू होने जा रही हरियाणा कन्या तीरंदाजी प्रतियोगिता को लेकर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का विरोध करने का एलान करने के बाद शुक्रवार को उमरा गांव में सातबास खाप की पंचायत हुई। फैसला लिया गया कि गांव में वित्त मंत्री का किसी प्रकार का कोई विरोध नहीं होगा। एक ओर जहां सातबास खाप के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार शाम को पत्रकारवार्ता कर कहा कि वित्त मंत्री का विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को गांव की सीमा में नहीं घुसने दिया जाएगा। वहीं अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने दोपहर को मीटिंग कर यह फैसला लिया कि बेशक उमरा गांव में वित्त मंत्री का विरोध नहीं किया जाएगा, लेकिन गांव की सीमा के बाहर वह हर हाल में काले झंडे दिखाकर वित्त मंत्री का विरोध करेंगे।
गांव उमरा में एक सितंबर से शुरू होने जा रही प्रदेश कन्या तीरंदाजी प्रतियोगिता में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आगमन को लेकर शुक्रवार को पूरा दिन मीटिंग व पंचायत चलती रही। पहले उमरा गांव में सुबह सातबास की पंचायत हुई। पंचायत में सातबास के विभिन्न प्रमुख लोगों सहित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ी भी मौजूद थे। तीरंदाजी कोच व प्रतियोगिता के ओवरऑल इंचार्ज मनजीत मलिक ने बताया कि उमरा गांव में वित्त मंत्री का कोई विरोध नहीं है। वह स्वयं वित्त मंत्री से कार्यक्रम का समय लेकर आए हैं। वह उनके कहने पर यहां पर खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए आ रहे हैं, न कि कोई राजनीति करने। इसलिए उमरा गांव की सीमा में किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं होगा।
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इसके बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र पूनिया व जिला प्रधान हिम्मत सिंह की अध्यक्षता में मीटिंग की। मीटिंग में फैसला लिया कि यह तीरंदाजी प्रतियोगिता लड़कियों के लिए की जा रही है। इसमें संघर्ष समिति कोई दखलंदाजी नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में सिर्फ खिलाड़ी और उनके अभिभावक ही शामिल होंगे। इसमें पंचायत की तरफ या गांव की तरफ से कोई हिस्सेदारी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बेशक गांव में वित्त मंत्री के आगमन पर कोई विरोध नहीं होगा, लेकिन गांव की सीमा के बाहर जहां भी वित्त मंत्री जाएंगे, समिति काले झंडे दिखा कर व हाथों में युवाओं को रिहा करो, आरक्षण लागू करो आदि की तख्तियां लेकर विरोध करेंगी। चाहे कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़ी। मीटिंग में प्रदेश प्रवक्ता, रामभगत मलिक, हलका प्रधान शीलू नारनौंद, डॉ. रतिराम, नरेंद्र घणघस, मुख्य महासचिव वजीर सिंह ढांडा, जयमहेंद्र पटवारी, धर्मपाल बड़ाला, दलजीत फौजी, कर्मबीर फौजी, बलवान सिंह सूंडा, मास्टर प्रताप बड़छप्पर, राजकुमार राखी, जंगी लोहान नारनौंद, कर्मबीर मुंढाल, होशियार सिंह जिला अध्यक्ष भिवानीरणधीर बामल, राजकुमार बामल, जीत बामल, सतीश माजरा, देवी प्रसन्न दहिया, सातबास प्रधान बिजेंद्र सिंह सुल्तानपुर, कुलदीप सिंह सुल्तानपुर, चांद सिंह आदि मौजूद थे।
वहीं इसके बाद शुक्रवार शाम को सातबास खाप के प्रतिनिधियों ने रेस्ट हाउस में पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि वित्त मंत्री का विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति को सातबास गांव की सीमा में नहीं घुसने देने का एलान कर दिया है। भाजपा लोकसभा निगरानी समिति के जिला अध्यक्ष प्रो. मनदीप मलिक ने कहा कि उमरा गांव में उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा। इसके बाद देपल में भी होने वाले कार्यक्रम में उनका सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुबह सातबास की पंचायत हुई थी, जहां फैसला लिया गया था कि गांव में लड़कियों के लिए कार्यक्रम किया जा रहा है, इसलिए किसी प्रकार का कोई विरोध नहीं होगा। इस मौके पर जिला अध्यक्ष अशोक मलिक, विक्की मलिक, सुंदर सिंह, राजेश मलिक, पवन मलिक,सुरेन्द्र, जसवंत सिंह, धर्मवीर, जितेंद्र मलिक आदि उपस्थित थे।

सातबास के सभी गांवों के प्रतिनिधियों ने संघर्ष समिति के सामने अपना पक्ष रखा और कहा कि इस प्रतियोगिता में अन्य शहरों से महिला तीरंदाज भाग लेंगे व गांव की तीरंदाज बेटियां भी इसमें शामिल होंगी। अगर किसी प्रकार से कार्यक्रम में खलल पड़ता है तो इससे पूरे गांव की बदनामी होगी। सातबास प्रतिनिधि उमरा गांव की सीमा में विरोध नहीं करने देंगे।
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-अशोक मलिक, जिला अध्यक्ष, सरपंच एसोसिएशन।

सातबास गांवों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई है। इसमें जाट संघर्ष समिति ने यह फैसला लिया है कि वह गांव की सीमा से बाहर वित्त मंत्री का विरोध करेंगे। वित्त मंत्री का जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य काले झंडे दिखाकर और स्लोगन लिखी तख्तियां हाथों में लेकर विरोध करेगी।
- रामभगत मलिक, प्रवक्ता, जाट आरक्षण संघर्ष समिति।
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