पीजीआई के पास कोविड 19 से मौतों का सही आंकड़ा नहीं
दूसरा मामला पीजीआईएमएस रोहतक का है। रोहतक के डीसी ने 29 सितंबर को एक ई-मेल के माध्यम से बताया कि पीजीआई के पास कोविड-19 से हुई मौतों की सही जानकारी नहीं है। इसका कारण फाइल गुम होना बताया गया। मौतों का आंकड़ा पहले 23 फिर 80 तक बताया। इससे उनके पास पीजीआई द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न करने संबंधी शिकायतों की बाढ़ आ गई। पीजीआई निदेशक के कार्यालय ने कई बार मामला उठाने पर भी न तो इस तरफ कोई ध्यान दिया और न ही सरल पोर्टल पर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड किए।
पीजीआई को सेवाएं देने में विलंब का कारण बताना होगा
गुप्ता ने बताया कि प्रमाण पत्र देने की अधिसूचित समय अवधि 21 दिन है, लेकिन मामले अप्रैल से लंबित हैं। हालांकि, अधिसूचित सेवाओं की सूची में चालू वर्ष के दौरान जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 14 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। निर्धारित समय सीमा में प्रमाण पत्र देने में विफल रहने पर निदेशक पीजीआई को स्वत: संज्ञान नोटिस जारी किया गया है। उन्हें सेवाएं देने में विलंब का कारण बताना होगा। उन्हें 11 अक्तूबर को 11:30 बजे व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोग के समक्ष पेश होना होगा।