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हरियाणा पुलिस की करतूतें सुन दंग रह जाएंगे आप

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हरियाणा सरकार ने पुलिस द्वारा की जा रही ज्यादतियों की शिकायत करने के लिए पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी तो बना दी, लेकिन कार्रवाई करने के लिए ताकत नहीं दी।
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जिसके कारण कई ऐसे मामले हैं जिनमें ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

341 मामले ऐसे हैं जिनमें अथॉरिटी ने नोटिस तो दिए हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई कुछ ही मामलों में हुई। यह मामले पुलिस द्वारा किए गए अधिकारों के दुरुपयोग के हैं। वहीं अवैध हिरासत के मामले में  कार्रवाई का प्रावधान तो है लेकिन एक्ट का उल्लेख नहीं किया गया है। इससे इन मामलों में कार्रवाई नहीं हो पाई।  

16 अगस्त 2010 को सरकार ने अथॉरिटी का गठन किया। जिसके बाद शुरुआती दौर कार्यालय और स्टाफ के इंतजार में निकल गया। अप्रैल 2011 में यह अथॉरिटी काम करने लायक हुई। तब से अब तक अथॉरिटी के पास 365 शिकायतें आई हैं।
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11 मामलो में अथॉरिटी ने स्वत: संज्ञान लिया है। 365 शिकायतों में से 3 मामले कस्टोडियल डेथ, 2 मामले थाने में रेप या रेप के प्रयास के और 6 मामले ग्रीवस हर्ट (गंभीर चोट) के हैं। 13 मामले अवैध हिरासत के हैं।
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इन 13 मामलों में ठोस कार्रवाई इसलिए नहीं हो पा रही है क्योंकि  हरियाणा पुलिस के एक्ट 2007 के प्रोविजन 65 में संशोधन नहीं हुआ है।

अब अथॉरिटी की ओर से संशोधन के लिए सरकार को लिखा गया है, क्योंकि अथॉरिटी को प्रदान की गई शक्तियों में अवैध हिरासत के मामलों में कार्रवाई का प्रावधान तो है, लेकिन संबंधित एक्ट का उल्लेख नहीं है।
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