हरियाणा में बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी के विरोध के चलते बिजली वितरण निगमों ने घरेलू बिजली दरों की स्लैब में बदलाव किया है।
नई स्लैब प्रणाली इस साल एक जनवरी से लागू की गई है। हालांकि नई स्लैब प्रणाली लागू करने की अनुमति भी बिजली नियामक आयोग से नहीं ली गई है।
इस नई स्लैब प्रणाली से उन उपभोक्ताओं को हर महीने 97.40 रुपये यानी प्रत्येक दो महीने पर आने वाले बिजली बिल में 194.80 रुपये का लाभ होगा जो 101 से 800 यूनिट तक बिजली खर्च करेंगे।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश में एक जनवरी से बिजली बिल में 200 रुपये छूट देने की घोषणा की थी। बिजली निगमों ने इसी के मद्देनजर नई स्लैब प्रणाली बनाई है।
बिजली विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि पहले 100 यूनिट तक फूंकने पर दो तरीके से रेट लगता था।
पहले 40 यूनिट का रेट 2.98 रुपये, 41-100 तक 4.75 रुपये लगता था। अगर कोई उपभोक्ता 101-250 यूनिट के बीच बिजली खर्च करता था तो उसे सीधे 250 यूनिट वाला रेट 4.90 रुपये की दर से बिल देना पड़ता था।
ऐसे उपभोक्ता को 0-40 और 41-100 यूनिट की स्लैब दर का लाभ नहीं मिलता था। लेकिन कोई उपभोक्ता अगर 800 यूनिट तक बिजली फूंकता है तो उसे पहले 250 यूनिट का रेट 4.90 रुपये, 251-500 यूनिट का रेट 5.60 रुपये और 501-800 यूनिट का रेट 5.98 रुपये लागू होता था।
इसके बाद किसी उपभोक्ता का बिजली खर्च अगर 801 यूनिट से ज्यादा होता था तो उसे एकमुश्त रेट 5.98 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल देना होता था।
अब नई स्लैब प्रणाली में 800 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को 0-40 यूनिट तक रेट 2.98 रुपये, 41-100 यूनिट का रेट 4.75 पैसे, 101-250 यूनिट का रेट 4.90 रुपये और 251-500 यूनिट तक पुराना रेट 5.60 रुपये और 501-800 यूनिट तक 5.98 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल देना होगा।
लेकिन ऐसे उपभोक्ता जो हर महीने 100 यूनिट तक बिजली ही फूंकते हैं, उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी।
एफएसए की भी नई स्लैब
फ्यूल सरचार्ज एरियर (एफएसए) की भी स्लैब प्रणाली बनाई गई है।
पहले 40 यूनिट तक एफएसए 77 पैसे प्रति यूनिट और 41-250 यूनिट तक 106 पैसे प्रति यूनिट की दर से लगता था।
नई स्लैब प्रणाली में बिजली दर घटने से एफएसए में भी 11.60 रुपये का फायदा होगा।
यानी 101-800 यूनिट तक बिजली फूंकने वालों को हर महीने 97.40 रुपये का फायदा होगा।