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हरियाणा का मेवात बना दूसरा जामताड़ा: एक साल में साइबर ठगी के मामले 134 फीसदी बढ़े, ये 15 गांव हॉट स्पॉट

Fri, 24 Jan 2025 11:35 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

साइबर ठगों से रिकवरी में हरियाणा पुलिस देशभर में नंबर वन है। साल 2024 में पुलिस ने साइबर ठगों के चंगुल से लगभग 268.40 करोड़ रुपये की राशि बचाई गई है, जबकि वर्ष-2023 में 76.85 करोड़ रुपये की राशि बचाई थी।
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साइबर ठगी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खेलों के लिए प्रसिद्ध हरियाणा अब साइबर ठगी का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश में हर माह 60 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो रही है। हरियाणा में मात्र एक साल में ही साइबर ठगी 134 फीसदी तक बढ़ गई है। हरियाणा का मेवात जिला दूसरा जामताड़ा बनता जा रहा है। यहां के युवा गैंग बनाकर दूसरे राज्यों के लोगों को ठग रहे हैं। तीन दिन पहले ही मेवात की पुलिस ने विशेष अभियान चलाया तो 15 तस्कर काबू किए।

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जब पूछताछ और जांच की गई तो युवाओं में चौंकाने वाले खुलासे किए। ये साइबर ठग कर्नाटक, केरल तमिलनाडु के अलावा कई राज्यों में लोगों को इंटरनेट के माध्यम से फर्जी विज्ञापन देकर ठगी करके लोगों को ठग चुके हैं। मेवात अलग-अलग गांवों से पकड़े गए साइबर ठगों के विरुद्ध पुलिस ने 12 मामले दर्ज किए हैं। आरोपितों से पुलिस ने 20 मोबाइल व 29 फर्जी सिम भी बरामद की है। खास बात ये है कि इन सभी आरोपियों का आयु 30 साल से कम है और सभी अंगूठा टेक हैं, लेकिन साइबर ठगी के एक्सपर्ट हैं। ऐसे एक नहीं दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं।

हरियाणा के सामने साइबर ठगी को लेकर दोहरी चुनौती है। क्योंकि औसतन हर साल 1 हजार करोड़ रुपये साइबर ठगी दूसरे राज्यों में बैठे ठग हरियाणा के लोगों से ठगी कर रहे हैं। ऐसे में पहली चुनौती हरियाणा के लोगों को साइबर ठगी से बचाना है। दूसरा, दूसरे राज्यों से मेवात में बैठकर साइबर ठगी करने वाले गैंग पर शिकंजा कसना है।

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ठगी के अधिकतर मामले एनसीआर के जिलों में

2023 में जहां प्रदेश में 602 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 980 करोड़ तक पहुंच गई है। औसतन हरियाणा में एक हजार लोगों के साथ साइबर ठगी होती है। हरियाणा में ठगी के अधिकतर मामले एनसीआर जिलों में हो रहे हैं। खासकर पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मेवात में साइबर अपराध का प्रतिशत अधिक है। साइबर अपराधियों में मेवात के युवक अधिक शामिल हैं। मेवात के 15 ऐसे बदनाम गांव हैं, जहां से साइबर ठगी के गैंग आपरेट हो रहे हैं।

मेवात से हर साल काबू किए जा रहे 300 ठग

मेवात में औसतन हर साल साइबर ठगी के 500 केस दर्ज होते हैं। इन मामलों में करीब 300 लोग हर साल गिरफ्तार किए जाते हैं। मेवात के युवाओं का साइबर ठगी में शामिल होने के पुलिस कई कारण मानती है। पहला यहां पर शिक्षा दर कम है, दूसरा विशेष वर्ग के जुड़े लोग इस काम में संल्पित हैं। दूसरा, आय के लिए कोई रोजगार नहीं है, न ही कोई दूसरा आय का साधन है। भूल जल कृषि भूमि के योग्य नहीं है। इसके अलावा, ठगों की लाइफस्टाइल देखकर दूसरे गरीब तबके के युवा उनके प्रति आकर्षित होते हैं। मेवात के 15 गांव साइबर ठगी के बड़े हॉट स्पाट हैं।

हर बार अलग-अलग तरीके अपना रहे ठग

जैसे-जैसे हरियाणा पुुलिस अपराधियों की तरकीब पकड़ती है, उससे पहले ही साइबर चोर ठगी का नया तरीका अपनाते हैं। साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि फिलहाल खुद को ज्वेलरी शॉप के मालिक बताकर, रिशतेदार बताकर या लिंक पर क्लिक करने से पैसे और गिफ्ट के लालच दिए जा रहे हैं। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती डिजिटल अरेस्ट की है। इस प्रकार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

ये बरतें सावधानी

  • अपने बैंक खाते की जानकारी, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी को न दें।
  • आपके फोन पर आने वाला ओटीपी किसी अनजान से शेयर न करें।
  • किसी भी लिंक को क्लिक न करें और ना ही किसी कोड को स्कैन करें।
  • अगर ठगी होती है तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें। हरियाणा में इस नंबर पर औसतन रोजाना 600 से अधिक कॉल आ रही हैं।

साइबर ठगों से रिकवरी में हरियाणा पुलिस नंबर वन

साइबर ठगों से रिकवरी में हरियाणा पुलिस देशभर में नंबर वन है। साल 2024 में पुलिस ने साइबर ठगों के चंगुल से लगभग 268.40 करोड़ रुपये की राशि बचाई गई है, जबकि वर्ष-2023 में 76.85 करोड़ रुपये की राशि बचाई थी। इस प्रकार साइबर अपराधियों से तीन गुना अधिक राशि बचाई गई। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तैनात तकनीकी रूप से मजबूत पुलिसकर्मियों की संख्या को 12 से बढ़ाकर 70 कर दिया गया। इनके साथ दस बैंंकों के 15 नोडल अधिकारी भी यहां पर तैनात हैं।

हर रोज 14 साइबर अपराधियों को काबू कर रही पुलिस

साल 2022 में साइबर अपराधियों के खिलाफ 2165 मुकद्दमें दर्ज किए गए, वही वर्ष-2023 में 2747 मुकद्दमें और 2024 में 5511 मुकद्दमे दर्ज किए गए। इसी प्रकार, वर्ष 2022 में हरियाणा पुलिस द्वारा 1078, वर्ष-2023 में 1909 और 2024 में 5156 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। वर्ष-2024 में गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से 70 प्रतिशत (3555 अपराधी) अन्य राज्यों के रहने वाले हैं। वर्ष-2024 में हरियाणा पुलिस द्वारा रोजाना औसतन 14 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। वर्ष-2024 में साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए 2,83,589 बैंक खातों और 1,24,565 मोबाइल नंबरों को बंद करवाया गया है जो कि देशभर में सर्वाधिक है।
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अधिकारी के अनुसार

साइबर अपराध संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी है कि सभी मिलकर मिशन मोड में करें। बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर साइबर पुलिस बेहतर कार्य कर रही है। हरियाणा पुलिस द्वारा सितंबर 2023 में साइबर फ्रॉड की गई राशि का केवल 7 प्रतिशत ही होल्ड किया जाता था, जो 2024 में बढ़कर 27 फीसदी हो गया। रिकवरी दर में हरियाणा पुलिस पूरे देश में नंबर वन है। रिकवरी दर को बढ़ाना हमारा लक्ष्य है।-शत्रुजीत कपूर, डीजीपी, हरियाणा।
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