2023 में जहां प्रदेश में 602 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 980 करोड़ तक पहुंच गई है। औसतन हरियाणा में एक हजार लोगों के साथ साइबर ठगी होती है। हरियाणा में ठगी के अधिकतर मामले एनसीआर जिलों में हो रहे हैं। खासकर पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मेवात में साइबर अपराध का प्रतिशत अधिक है। साइबर अपराधियों में मेवात के युवक अधिक शामिल हैं। मेवात के 15 ऐसे बदनाम गांव हैं, जहां से साइबर ठगी के गैंग आपरेट हो रहे हैं।
मेवात में औसतन हर साल साइबर ठगी के 500 केस दर्ज होते हैं। इन मामलों में करीब 300 लोग हर साल गिरफ्तार किए जाते हैं। मेवात के युवाओं का साइबर ठगी में शामिल होने के पुलिस कई कारण मानती है। पहला यहां पर शिक्षा दर कम है, दूसरा विशेष वर्ग के जुड़े लोग इस काम में संल्पित हैं। दूसरा, आय के लिए कोई रोजगार नहीं है, न ही कोई दूसरा आय का साधन है। भूल जल कृषि भूमि के योग्य नहीं है। इसके अलावा, ठगों की लाइफस्टाइल देखकर दूसरे गरीब तबके के युवा उनके प्रति आकर्षित होते हैं। मेवात के 15 गांव साइबर ठगी के बड़े हॉट स्पाट हैं।
जैसे-जैसे हरियाणा पुुलिस अपराधियों की तरकीब पकड़ती है, उससे पहले ही साइबर चोर ठगी का नया तरीका अपनाते हैं। साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि फिलहाल खुद को ज्वेलरी शॉप के मालिक बताकर, रिशतेदार बताकर या लिंक पर क्लिक करने से पैसे और गिफ्ट के लालच दिए जा रहे हैं। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती डिजिटल अरेस्ट की है। इस प्रकार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
साइबर ठगों से रिकवरी में हरियाणा पुलिस देशभर में नंबर वन है। साल 2024 में पुलिस ने साइबर ठगों के चंगुल से लगभग 268.40 करोड़ रुपये की राशि बचाई गई है, जबकि वर्ष-2023 में 76.85 करोड़ रुपये की राशि बचाई थी। इस प्रकार साइबर अपराधियों से तीन गुना अधिक राशि बचाई गई। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तैनात तकनीकी रूप से मजबूत पुलिसकर्मियों की संख्या को 12 से बढ़ाकर 70 कर दिया गया। इनके साथ दस बैंंकों के 15 नोडल अधिकारी भी यहां पर तैनात हैं।
साल 2022 में साइबर अपराधियों के खिलाफ 2165 मुकद्दमें दर्ज किए गए, वही वर्ष-2023 में 2747 मुकद्दमें और 2024 में 5511 मुकद्दमे दर्ज किए गए। इसी प्रकार, वर्ष 2022 में हरियाणा पुलिस द्वारा 1078, वर्ष-2023 में 1909 और 2024 में 5156 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। वर्ष-2024 में गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से 70 प्रतिशत (3555 अपराधी) अन्य राज्यों के रहने वाले हैं। वर्ष-2024 में हरियाणा पुलिस द्वारा रोजाना औसतन 14 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं। वर्ष-2024 में साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए 2,83,589 बैंक खातों और 1,24,565 मोबाइल नंबरों को बंद करवाया गया है जो कि देशभर में सर्वाधिक है।
साइबर अपराध संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी है कि सभी मिलकर मिशन मोड में करें। बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर साइबर पुलिस बेहतर कार्य कर रही है। हरियाणा पुलिस द्वारा सितंबर 2023 में साइबर फ्रॉड की गई राशि का केवल 7 प्रतिशत ही होल्ड किया जाता था, जो 2024 में बढ़कर 27 फीसदी हो गया। रिकवरी दर में हरियाणा पुलिस पूरे देश में नंबर वन है। रिकवरी दर को बढ़ाना हमारा लक्ष्य है।-शत्रुजीत कपूर, डीजीपी, हरियाणा।