हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन में हरियाणा को डेनमार्क बनाने का उनका सपना है।
पशुपालक
इसमें उनका सहयोग करें तो शीघ्र ही यह सपना साकार रूप ले सकता है। यह बात
सीएम ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से झज्जर के राजकीय बहुतकनीकी
संस्थान के मैदान में राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी के दौरान कही।
उन्होंने
कहा कि हरियाणा प्रदेश देश भर में प्रति व्यक्ति दुग्ध उत्पादन में सबसे
आगे है, जो प्रदेशवासियों के लिए भी गर्व की बात है। प्रति व्यक्ति
प्रतिदिन दूध 747 ग्राम है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 285 ग्राम है।
उन्होंने
कहा कि हरियाणा सरकार ने पशुपालकों को अब तक 54 करोड़ की राशि बांटी है।
सीएम ने मुर्राह संरक्षण एवं विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2011-12 के लिए
करीब सवा आठ करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदेश भर के पशुपालकों को दी।
इसमें से करीब एक करोड़ रुपये की राशि झज्जर जिले के पशुपालकों को मिली।
अगले वर्ष से दुग्ध के मामले में दिए जाने वाले पुरस्कार की राशि में
बढ़ोतरी की जाएगी। सीएम ने इससे पूर्व झज्जर में दो परियोजनाओं का उद्घाटन
किया, जबकि दो अन्य योजनाओं की आधारशिला भी रखी। सीएम ने इस दौरान गोहाना
में 10 नवंबर को होने वाली रैली का न्योता भी दिया।
इतना बढ़ा दुग्ध उत्पादन
कृषि,
पशुपालन एवं डेरी मंत्री परमवीर सिंह ने पशुपालन को प्रोत्साहन देने के
लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने
कहा कि 2005-06 में दुग्ध उत्पादन 52.99 लाख टन था, जबकि आज 70.40 लाख टन
है।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल,
मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र, विधायक डॉ. रघुबीर सिंह
कादियान, नरेश शर्मा, हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड की अध्यक्ष संतोष शर्मा,
राज सिंह जाखड़, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंद सागर, जिला परिषद
चेयरमैन सतीश छिक्कारा, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अवतार सिंह और
महानिदेशक डॉ. गजेंद्र सिंह जाखड़ मौजूद रहे।
सीएम ने डेढ़ बीघा में लगा रखा है पॉली हाउस
मुख्यमंत्री
ने कहा कि कृषि के जरिये किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए इजरायल से बात चल
रही है। इजरायल के सहयोग से कम भूमि पर अधिक उत्पादन का फार्मूला हरियाणा
में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी एक किसान है और उन्होंने
भी अपनी डेढ़ बीघा जमीन पर पॉली हाउस लगाया है। पॉली हाउस के जरिये
परंपरागत खेती की तुलना में फसलों का अधिक उत्पादन होता है। इस कार्यक्रम
में जिला प्रशासन झज्जर की ओर से पशुपालन विभाग को एक्सरे मशीन का
हस्तांतरण भी किया गया।
पूर्व विधायक के बेटे के निधन पर जताया शोक
मुख्यमंत्री पूर्व विधायक हरिराम वाल्मीकि के बेटे सतीश के आकस्मिक निधन पर शोक जताने भी पहुंचे।
विकास सदन की रखी आधारशिला
झज्जर
में लघु सचिवालय के समीप ग्राम विकास से संबंधित विभागों को एक छत के नीचे
लाने के प्रयास के लिए विकास सदन का निर्माण होगा। सीएम ने इसकी आधारशिला
रखी। ग्राम पंचायत बाढ़सा के सहयोग से तैयार होने वाले 53 हजार वर्गफुट
क्षेत्रफल के चार मंजिला भवन के निर्माण पर 9.5 करोड़ रुपये की लागत आने का
अनुमान है। पंचायती राज विभाग की ओर से यह इमारत डेढ़ वर्ष में तैयार किए
जाने का अनुमान लगाया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के लिए स्ट्रांग रूम
ईवीएम
मशीनों की सुरक्षा के स्थायी समाधान के लिए झज्जर में लघु सचिवालय परिसर
में 80 लाख रुपये की लागत से बनने वाले दो मंजिला स्ट्रांग रूम की आधारशिला
सीएम ने रखी। करीब 4.5 हजार वर्गफुट क्षेत्रफल में परिसर का निर्माण छह
माह में होगा।
लघु सचिवालय फेज-दो का उद्धाटन
आमजन की
सुविधा के लिए विभिन्न सरकारी विभागों को एक छत के नीचे लाने के प्रयास के
तहत झज्जर में लघु सचिवालय के विस्तार भवन का निर्माण होने के बाद सीएम ने
इसका शुभारंभ किया। फेज-दो भवन के निर्माण पर 5.47 करोड़ रुपये की लागत आई
है। 52 हजार वर्गफुट क्षेत्रफल की यह इमारत दो साल में बनकर तैयार हुई है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार भूतल सहित चार मंजिला इस इमारत में
मॉडर्न तहसील तथा सिंगल विंडो सिस्टम है।
मल्टी लेवल पार्किंग सुविधा
हरियाणा
में झज्जर ऐसा पहला शहर बन गया, जहां वाहनों को खड़ा करने के लिए मल्टी
लेवल पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सीएम ने इसका भी उद्घाटन किया।
झज्जर के लघु सचिवालय परिसर में बनी पार्किंग में दस वाहन नीचे और दस वाहन
लिफ्ट के जरिये ऊपर एक-साथ खड़े हो सकेंगे। इस पार्किंग को तैयार करने के
लिए नगर पालिका झज्जर की ओर से 24.75 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
इन्हें किया सम्मानित
मातृत्व
शिशु केंद्र बनाने के लिए आधा एकड़ भूमि दान करने वाले पूर्व आईएएस विष्णु
भगवान को सीएम ने सम्मानित किया। इसके अलावा बाढ़सा के सरपंच और पंचों को
भी विकास में अहम योगदान के लिए सम्मानित किया।
इतना बढ़ेगा पशुपालकों का इनाम
मुख्यमंत्री
ने कहा कि अभी 13-16-19 और 25 लीटर दूध देने वाले पशुओं के पालकों को
क्रमश: 5-10-15 और 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। अगले
वर्ष से यह राशि क्रमश: 10-15-20 और 30 हजार रुपये मिलेगी।