फिलहाल प्रदेश में डीएपी की किल्लत है
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा को 4 से 14 नवंबर के बीच प्रतिदिन औसतन 5850 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक प्राप्त हुआ है। हरियाणा सरकार ने यह आंकड़े जारी किए हैं। सरकार की ओर से ट्वीट कर बताया गया है कि अगले चार दिनों के लिए प्रतिदिन औसतन 10,000 मीट्रिक टन डीएपी मिलेगा। जो किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गेहूं व सरसों की बिजाई के लिए खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी। केंद्र सरकार से लगातार बातचीत कर पूरे प्रदेश में खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। पिछले 3 दिन में डीएपी खाद के 8 रैक मंगाए जा चुके हैं। अगले तीन दिनों में 9 रैक और आएंगे। केंद्र सरकार हर रोज 7 से 8 हजार मीट्रिक टन डीएपी व एनपीके खाद उपलब्ध करवा रही है। किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजाई को ध्यान में रखते हुए हर जिले में आवश्यकता के मुताबिक खाद उपलब्ध करवा रहे हैं। केंद्र सरकार से लगातार खाद की आपूर्ति हो रही है। अभी तक राज्य में 2 लाख 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इसमें से 1 लाख 82 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद किसान खरीद चुके हैं। प्रदेश में 3 लाख 84 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद, 93 हजार मीट्रिक टन एसएसपी खाद और 37 हजार मीट्रिक टन एनपीके खाद की उपलब्धता है।
ये भी पढ़ें- नारनौल में बड़ा हादसा: शादी समारोह से लौट रहे परिवार की कार नहर में गिरी, तीन लोगों की मौत
अफवाहों पर ध्यान न दें किसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता है। किसान जरूरत के मुताबिक खाद खरीदें और संयम बनाए रखें। किसान डीएपी के स्थान पर सरसों के लिए एसएसपी खाद, गेहूं व आलू के लिए एनपीके खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं।
गौरतलब है कि फिलहाल डीएपी की कमी को लेकर किसानों में रोष है। किसान कहीं जाम लगा रहे हैं तो कहीं पुलिस पर हमला कर रहे हैं। सरकार की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया था कि प्रदेश में डीएपी की कमी नहीं होने दी जाएगी।