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Haryana: जिलों में किसानों व मजदूर संगठनों निकाले ट्रैक्टर मार्च, लंबित मुद्दों को हल करने की मांग

Fri, 26 Jan 2024 10:26 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा

सार

हरियाणा के विभिन्न जिलों में गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसानों व मजदूर संगठनों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। इस दौरान मार्च पास्ट में किसान मजदूरों ने अपनी लंबित मांगों को दोहराया और समाधान की सरकार से अपील की।
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शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च से किसानों ने जताया विरोध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पानीपत में संयुक्त किसान मोर्चा और राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन के संयुक्त नेतृत्व में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस 2024 को देश की एकता अखंडता, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संकल्प सभा आयोजित कर पानीपत नया अनाज मंडी से लेकर ट्रैक्टर, कार, मोटरसाइकिल परेड निकाली गई। सैकड़ों की संख्या में किसान मजदूर कार्यकर्ताओं ने जीटी रोड पानीपत पर संजय चौक से आगे तक यू-टर्न तक मार्च निकाला।

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परेड का नेतृत्व संकल्प सभा को संबोधित करने वाले विभिन्न किसान मजदूर संगठनों के पदाधिकारियों ने किया। जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा तालमेल कमेटी के जिला संयोजक जयकरण कादयान, सहसंयोजक व सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉक्टर सुरेंद्र मलिक, सचिव राजपाल, हरियाणा किसान सभा के जिला प्रधान मामचंद सैनी, संयुक्त तालमेल कमेटी के जिला सदस्य बिंटू मलिक, भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान सूरजभान रावल, खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव दयानंद एडवोकेट, सीटू जिला सचिव जय भगवान, एटक जिला सचिव पवन सैनी एडवोकेट, समाजसेवी सुखबीर सिंह मलिक, मलिक खाप प्रधान राजकुमार, सर छोटू राम भारतीय किसान यूनियन के राज्य महासचिव हरिंदर राणा, सीटू जिला कोषाध्यक्ष नवीन सपड़ा, उप प्रधान सविता, कामरेड सेवा सिंह मलिक, खेत मजदूर यूनियन के जिला प्रधान रोहतास, रणबीर देशवाल लंबरदार आदि मौजूद रहे।
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संयुक्त किसान मोर्चा और राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन, अखिल भारतीय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त आह्वान पर भाजपा सरकार की कथित किसान मजदूर कर्मचारी जन विरोधी और देश विरोधी नीतियों के खिलाफ 16 फरवरी भारत बंद और राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल का एलान किया गया।


किसान व मजदूर संगठनों की ओर से सोनीपत शहर में निकाला ट्रैक्टर मार्च
सोनीपत में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान व मजदूर संगठनों की ओर से शुक्रवार को शहर में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। इसकी शुरुआत सेक्टर-23 से की गई। यह मार्च महलाना चौक, ककरोई चौक, गोहाना रोड आरओबी, गीता भवन चौक, देवीलाल चौक, पुरखास अड्डा, शनि मंदिर रेलवे अंडरब्रिज, छोटूराम चौक होते हुए लघु सचिवालय तक निकाला गया।

मार्च का नेतृत्व कर रहे डॉ. सत्यपाल रांगी, जयभगवान, ईश्वर सिंह दहिया ने बताया कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने, किसानों से किए गए वादे पूरे करो, लखीमपुर खीरी मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। ट्रैक्टर मार्च में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) , एआईकेएस , किसान मजदूर पंचायत , भारतीय किसान यूनियन ( टिकैत) एआईयूटीयूसी, सीटू, एआईसीसीटीयू सहित अन्य संगठनों ने भाग लिया।

ईश्वर सिंह राठी ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार किसान और मजदूरों की मांग तुरंत पूरी करें अन्यथा 16 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी। इस दौरान रामफल दोदवा, रणबीर मलिक, बबला प्रधान, गांव भटाना जाफराबाद के सरपंच कवित, बिजेंद्र दहिया, भगत सिंह, वजीर, हंसराज राणा, राजकुमार राणा, हरिप्रकाश, आनंद शर्मा, शीलकराम मलिक, सूर्य प्रकाश भी मौजूद रहे।


रोहतक में शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च से किसानों ने जताया विरोध
संयुक्त किसान मोर्चा रोहतक के नेतृत्व में किसानों और मजदूरों ने अपने लंबित मुद्दों के समाधान के लिए शहर में ट्रैक्टर मार्च निकाला। यह मार्च रोहतक अनाज मंडी से शुरु होकर पुराना बस स्टैंड होते हुए दिल्ली बाईपास पहुंच कर समाप्त हुआ। ट्रैक्टर मार्च शांतिपूर्ण रहा। इसकी अध्यक्षता प्रीत सिंह, रणधीर धामड, उमेद सिंह, कमलेश लालही, रामचंद्र बैंसी ने संयुक्त तौर पर की। इस मार्च में किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन, भारतीय किसान मजदूर यूनियन, सीटू, खेत मजदूर यूनियन शामिल रही।

किसान सभा महासचिव सुमित दलाल ने बताया कि किसान आंदोलन के निलंबन के समय मोदी सरकार ने एमएसपी की गारंटी कानून बनाने ,बिजली संशोधन कानून को वापिस लेने का वायदा किया था लेकिन सरकार ने देश के किसानों के साथ विश्वासघात करते हुए किसानों की मांगो पर कोई कदम नहीं उठाया।
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जिसके खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा  ने देश भर में दोबारा आंदोलन छेड़ने का निर्णय किया है। किसानों की मुख्य मांगें, एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानून बनाने, लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों को न्याय देने, बिजली कानून वापस लेने, किसान मजदूरों की कर्जा मुक्ति, मनरेगा के काम के दिन बढ़ाने और 600 रुपये दिहाड़ी, फसल बीमा कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने, निजीकरण पर रोक लगा पक्के रोजगार देने की मांग प्रमुख है।

करनाल में भी निकाली ट्रैक्टर परेड

भारतीय किसान यूनियन एवं अन्य किसान संगठनों ने किसान आंदोलन के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने के विरोध स्वरूप करनाल जिले में करनाल निसिंग और संघ शहरी क्षेत्र में ट्रैक्टर परेड की।

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