हरियाणा सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और कर्मचारियों की मांगों का समाधान न करने से खफा प्रदेश के कर्मचारी और शिक्षक 21 जनवरी से 72 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल करेंगे।
हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर की जा रही इस हड़ताल की नोटिस पर ब्लॉक और तहसील स्तर पर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और सभी विभागों के प्रधान सचिवों को भेजा जाएगा।
हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्य धर्मबीर सिंह फौगाट, राज सिंह दहिया, अमर सिंह यादव और सुभाष लांबा ने जारी बयान में कहा कि कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ रोष है और प्रदर्शनों में उमड़ने वाली भीड़ इसका बड़ा उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने 21 से 23 जनवरी को होने वाली 72 घंटे की हड़ताल को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफल बनाने का संकल्प लिया है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की बजाय हड़ताल को कुचलने के लिए किसी प्रकार की दमनात्मक और उत्पीड़न की कार्रवाई की तो तालमेल कमेटी हड़ताल अवधि को आगे बढ़ाने पर मजबूर होगी।
प्रदर्शनों के दौरान सर्वसम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव में सभी विपक्षी पार्टियों से कर्मचारियों की मांगों पर उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट करने की मांग की गई।
हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्य सुभाष लांबा और अमर सिंह यादव ने बताया कि 72 घंटे की हड़ताल में जहां रोडवेज की बसों का चक्का जाम रहेगा, वहीं बिजली निगमों के भी 30 हजार से अधिक कर्मचारी 20 जनवरी को रात 11 बजे से ही हड़ताल पर चले जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस हड़ताल में सभी सरकारी, अर्ध सरकारी, बोर्डों, निगमों, नगर निगमों, विश्वविद्यालयों, नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और केंद्र सरकार द्वारा संचालित परियोजनाओं में काम करने वाले नियमित, डीसी रेट, अनुबंध, आऊटसोर्सिंग, दैनिक वेतनभोगी, पार्ट टाईम और तदर्थ आधार पर लगे लाखों कर्मचारी और शिक्षक शामिल होंगे।