सृजन की भूमि हरियाणा का नाम भगवान हरि से जुड़ा है। रोहतक जिले के गांव बोहर में मिले विक्रमी संवत 1337 के शिलालेख के अनुसार इस क्षेत्र को हरियानक के नाम से जाना जाता था। सुल्तान मोहम्मद-बिन-तुगलक के शासनकाल के एक पत्थर पर हरियाणा शब्द अंकित है। धरणीधर ने अपनी रचना अखंड प्रकाश में लिखा है कि यह शब्द ‘हरिबंका’ से लिया गया है।
हरियाणा बनने के बाद तीन मसलों पर नहीं बनी सहमति
1. सतलुज और यमुना के पानी का बंटवारा
2. हरियाणा की राजधानी का विवाद
3. अबोहर-फाजिल्का के हिंदी भाषी क्षेत्र में मिलाने का मुद्दा
ऐसे बने 22 जिले
एक नवंबर 1966 को जब हरियाणा बना तो सात जिले गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रोहतक, करनाल, अंबाला, जींद और हिसार थे। इसके बाद 22 दिसंबर 1972 को भिवानी और सोनीपत जिले अस्तित्व में आए। एक महीने बाद 23 जनवरी 1973 को कुरुक्षेत्र प्रदेश का 10वां जिला बना। 26 अगस्त 1975 को सिरसा को जिले का दर्जा दिया गया। 15 जुलाई 1979 को फरीदाबाद जिला बना। इसके दस साल बाद एक नवंबर 1979 को सरकार ने एक साथ चार जिले बनाए। रेवाड़ी, पानीपत, यमुनानगर और कैथल के जिले बनने के बाद प्रदेश में जिलों की संख्या 16 हो गई। 15 अगस्त 1995 को सरकार ने पंचकूला जिला बनाया। 15 जुलाई 1997 को झज्जर और फतेहाबाद जिले बनाए गए। 4 अप्रैल 2005 को नूंह(मेवात) को जिले का दर्जा मिला। 13 अगस्त 2008 को पलवल प्रदेश का 21वां जिला बना। 4 दिसंबर 2016 को मनोहर सरकार ने चरखी दादरी को जिले का दर्जा दिया।