गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह को आने वाले समय में अपने फैसले पर पछताना पड़ेगा। यह टिप्पणी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को बयान जारी करते हुए की।
ऐसा आमतौर पर बहुत कम होता है कि मुख्यमंत्री लिखित बयान जारी करें। मगर इंद्रजीत सिंह के बारे में उन्होंने विशेष बयान जारी किया। मुख्यमंत्री ने बयान में कहा कि सांसद राव इंद्रजीत सिंह उनके दोस्त रहे हैं।
जब भी राव इंद्रजीत सिंह को उनकी (मुख्यमंत्री) जरूरत पड़ी तो उन्होंने सांसद का साथ दिया। वे सांसद के उस बयान पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते जिसमें सांसद ने कहा कि वे अगला चुनाव कांग्रेस की टिकट पर नहीं लड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह उनके लंबे समय से साथी रहे हैं।
उधर, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने राव इंद्रजीत के बारे में हरियाणा कांग्रेस प्रभारी डॉ. शकील अहमद को बुधवार सुबह रिपोर्ट सौंप दी है। खुद शकील अहमद ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मुलाना ने जो रिपोर्ट सौंपी है अभी उन्होंने उसे पढ़ा नहीं है।
मगर राव इंद्रजीत सिंह से उनके दिए बयान में पूछकर ही अगला फैसला किया जाएगा। हालांकि सांसद की तरफ से उन्हें कुछ भी लिखित में नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि उनके लिए हर पार्टी वर्कर महत्वपूर्ण है। इसलिए वे चाहते हैं कि कोई भी वर्कर पार्टी छोड़कर जाए।
अगर किसी ने मन बना लिया है तो कुछ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र में विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप लगाए जा रहे हैं मगर वास्तविकता यह है कि भेदभाव नहीं हुआ।