हरियाणा प्रदेश में हुड्डा सरकार बनने के बाद प्रदेश के मंत्रियों, मुख्यमंत्री व मुख्य संसदीय सचिवों के टेलीफोन बिलों के रूप में सरकार ने 2 करोड़ 25 लाख रुपये से ज्यादा राशि खर्च की है।
यह जानकारी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इनेलो विधायक परमेंद्र सिंह ढुल के विधानसभा में पूछे एक सवाल के जवाब में दी। इनमें से एक करोड़ 47 लाख 52 हजार रुपये मौजूदा मंत्रियों व मुख्य संसदीय सचिवों के टेलीफोन बिल के हैं जबकि 78 लाख 16 हजार पूर्व मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों के आवास, कार्यालय व मोबाइल टेलीफोन बिलों के रूप में पहली अप्रैल, 2005 से 15 जनवरी, 2013 तक अदा किए गए।
सबसे ज्यादा टेलीफोन बिल बिजली मंत्री कैप्टन अजय सिंह के रहे जो 16लाख 71 हजार रुपये हैं। कैप्टन अजय सिंह के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के टेलीफोन बिल 16 लाख चार हजार 744 रुपये और तीसरे नंबर पर रणदीप सिंह सुरजेवाला के टेलीफोन बिल 12 लाख 64 हजार 385 रुपये हैं।
दस लाख से ज्यादा टेलीफोन बिल वालों में वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा का 11 लाख 77 हजार, मुख्य संसदीय सचिव धर्मवीर सिंह 10 लाख 88 हजार रुपये और आबकारी व कराधान मंत्री किरण चौधरी के टेलीफोन बिल 10 लाख 82 हजार 466 रुपये के हैं। इनके अलावा मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह के टेलीफोन बिल सात लाख 72 हजार रुपये, रामकिशन गुज्जर के छह लाख 91 हजार, शारदा राठौर छह लाख 14 हजार और शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के छह लाख पांच हजार रुपये के टेलीफोन बिल शामिल हैं।
साढ़े पांच लाख से नीचे के बिल
मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी के पांच लाख 38 हजार, कृषि मंत्री परमवीर सिंह के चार लाख 68 हजार रुपये, मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लां खेड़ा तीन लाख 37 हजार, विनोद याना तीन लाख 26 हजार, अनीता यादव तीन लाख 23 हजार, जलेब खान तीन लाख 20 हजार, स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह तीन लाख 30 हजार, राज्य मंत्री शिवचरण शर्मा तीन लाख 63 हजार, राजस्व मंत्री महेंद्र प्रताप दो लाख 96 हजार, खेल राज्य मंत्री सुखबीर कटारिया दो लाख 98 हजार, मुख्य संसदीय सचिव जयवीर सिंह दो लाख 29 हजार, सुल्तान सिंह जडौला एक लाख 76 हजार और सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान के एक लाख 71 हजार रुपये के टेलीफोन बिल शामिल हैं।
मौजूदा सरकार से त्याग पत्र देने वाले पूर्व परिवहन मंत्री ओमप्रकाश जैन के दो लाख 48 हजार, पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा के दो लाख 42 हजार और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा के 15 हजार 215 रुपये के टेलीफोन बिल शामिल हैं।