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हरियाणा की हवा फिर खराब: देश का सबसे प्रदूषित राज्य बना, जींद प्रदूषण में देशभर में सबसे अव्वल

Wed, 17 Nov 2021 09:27 AM IST
प्रमोद कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/चंडीगढ़

सार

हरियाणा के लिए चिंता की बात है। प्रदूषण में प्रदेश देश में सबसे आगे हो गया है। जींद शहर देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। मानेसर दूसरे स्थान पर है। विशेषज्ञों के अनुसार हवा दो दिन और खराब रहेगी। आज स्मॉग छाने की आशंका जताई गई है। प्रदूषित शहरों की सूची में दिल्ली तीसरे नंबर पर आई है।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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हरियाणा की हवा एक बार फिर से खराब हो गई है। यह मंगलवार को देश का सर्वाधिक प्रदूषित राज्य रहा। इतना ही नहीं, देश के सबसे प्रदूषित शहरों में जींद पहले व मानेसर दूसरे स्थान पर रहा। दोनों स्थानों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) क्रमश: 428 और 410 रहा। उधर, 403 एक्यूआई के साथ दिल्ली तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर 141 शहरों की ‘अति गंभीर’ और ‘गंभीर’ श्रेणी की सूची में हरियाणा के 17 शहर शामिल रहे। इनमें से जींद और मानेसर की हवा ‘अति गंभीर’ और 15 शहरों की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में रही। 

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छह शहरों की हवा खराब श्रेणी में रही। 111 एक्यूआई के साथ पंचकूला की हवा संतोषजनक रही। बीते दो दिनों से बहुत खराब श्रेणी में चल रही दिल्ली की हवा मंगलवार को खिसककर गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। एनसीआर के अन्य शहरों में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि हवा बहुत खराब श्रेणी में ही बनी रही। सफर के मुताबिक हवा की धीमी रफ्तार के कारण मंगलवार रात से ही हवा की सेहत बिगड़ना शुरू होगी और बुधवार शाम तक इसके हालात बदतर रहेंगे। इससे बुधवार को दिनभर स्मॉग की चादर छाई रह सकती है। आगामी 18 नवंबर के बाद हवा की सेहत सुधरने के आसार हैं।
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इन 15 शहरों की हवा गंभीर रही 
बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, भिवानी, चरखीदादरी, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, फतेहाबाद, हिसार, मंडीखेड़ा, नारनौल, पानीपत, रोहतक, सिरसा और सोनीपत। इन शहरों का एक्यूआई 300 से 400 के बीच रहा। 

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इन छह शहरों की हवा खराब श्रेणी में रही 
अंबाला, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पलवल और यमुनानगर। इन शहरों का एक्यूआई 200 से 300 के बीच रहा। 

24 घंटे के भीतर पड़ोसी राज्यों में 1820 पराली जलने की घटनाएं
सफर इंडिया के मुताबिक बीते एक सप्ताह से पड़ोसी राज्यों में पराली जलने की घटनाओं में कमी आई है। 24 घंटे के भीतर पड़ोसी राज्यों में 1820 पराली जलने की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं। इससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 की प्रदूषण में सिर्फ आठ फीसदी हिस्सेदारी रही। अगले दो दिनों तक हवा का रुख पूर्वी दिशा की ओर होने के कारण पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुआं दिल्ली के प्रदूषण का कारण नहीं बनेगा। 

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दिल्ली-एनसीआर के  आंकड़े
                         16 नवंबर     15 नवंबर 

  • दिल्ली         403             353
  • फरीदाबाद     370            319
  • गाजियाबाद   356            335
  • ग्रेटर नोएडा   361            317
  • गुरुग्राम        369            332
  • नोएडा          397            338

      देश के तीन सबसे प्रदूषित शहर

  • जींद-428
  • मानेसर-410
  • दिल्ली-403

दो थर्मल प्लांट बंद, विभाग ने कहा-नो डिमांड के चलते किए

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हरियाणा में यमुनानगर और हिसार पावर प्लांट बंद कर दिए गए हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि नो डिमांड के चलते ये बंद हैं। बिजली विभाग के एसीएस पीके दास ने कहा कि प्लांट बंद करने के कोई आदेश अभी नहीं मिले हैं। इस समय पानीपत की दो यूनिटें चल रही हैं। बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते 450 मेगावाट की पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दोनों यूनिटों को बंद कर सकते हैं। एनसीआर के चार जिलों में कोयले व अन्य ईंधन से चलने वाली फैक्ट्रियां सात दिन के लिए बंद कर दी गई हैं। 22 नवंबर तक सिर्फ सीएनजी, पीएनजी व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रमाणित ईंधन से चलने वाली फैक्ट्रियां ही चल सकेंगी।

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5724 स्थानों पर जली पराली, 50 लाख जुर्माना
सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च करने व करीब 50 लाख के करीब जुर्माना लगाने के बाद भी हरियाणा में धान की पराली जलाना जारी है। हरियाणा अंतरिक्ष विज्ञान केंद्र (हरसेक) के अनुसार सोमवार को फसल अवशेष जलाने के 129 नए मामले सामने आए। जिससे राज्य में 15 सितंबर से 15 नवंबर तक पराली जलाने के 5724 मामले दर्ज हो चुके हैं। 
हालांकि इस साल फसल अवशेष जलाने की संख्या पिछले साल से कम है। प्रदेश में अब तक 94 लोगों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अकेले करनाल जिले में 84 एफआईआर दर्ज हुई हैं। वहीं, 2379 किसानों पर 49.87 लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है।

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