चमड़ा साफ करने वाली फैक्टरी में बने केमिकलयुक्त गंदे पानी के टैंक में सोमवार को सफाई करने उतरे चार कर्मियों की मौत हो गई। प्रथमदृष्टया मौत की वजह टैंक में बनी जहरीली गैस से दम घुट जाना मानी जा रही है।
पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया, लेकिन मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन देर शाम तक पोस्टमार्टम के बाद शव लेने को तैयार नहीं हुए थे।
डीएसपी जयबीर सिंह राठी के अनुसार, पलवल निवासी फैक्टरी मालिक राजीव बंसल और मैनेजर हरिकिशन बंसल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, नेशनल हाईवे स्थित आगरा चौक के निकट लेदर प्राइम इंडस्ट्रीज है। इसमें चमड़ा साफ किया जाता है। चमड़ा और केमिकलयुक्त गंदा पानी वहां बने चार टैंकों में जमा होता है।
इन टैंकों से गंदे पानी की निकासी के लिए कमरानुमा बड़ा टैंक बनाया गया है। तीन दिन से टैंक में जमा हुए पानी को निकालने के लिए शाह आलम और रबूल खान नामक दो कर्मियों को वहां उतारा गया।
बताया जाता है कि जैसे ही वे सीढ़ियों से नीचे उतरे, बेहोश होकर गिर पड़े। वहां मौजूद एक अन्य कर्मचारी ने इसकी जानकारी मैनेजर हरिकिशन बंसल को दी।
मैनेजर ने तत्काल दो अन्य कर्मियों कमलेश और गणेश को वहां भेजा। टैंक में उतरते ही ये दोनों कर्मचारी भी बेहोश होकर गिर पड़े। चारों के बेहोश होने से वहां अफरातफरी मच गई।
किसी तरह उन्हें बाहर निकालकर अचेतावस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में शाह आलम और रबूल खान पश्चिम बंगाल, गणेश राजस्थान और कमलेश बिहार का रहने वाला था।