गोहाना में आयोजित हरियाणा शक्ति रैली में सीएम भूपेंद्र सिंह द्वारा की गई
ताबड़तोड़ 33 घोषणाओं पर किसान व मजदूर वर्ग में खुशी की लहर है।
नगर
पालिकाओं में सफाई को ठेके पर देने की प्रथा को खत्म करने का ऐलान करने पर
हरियाणा सफाई मजदूर कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष रामफल सौदा ने मुख्यमंत्री का
आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें 8100 रुपये वेतन मिल सकेगा,
पहले ठेकेदार मनमर्जी से उनका शोषण करता था।
हुडा कर्मचारी
संयुक्त संघर्ष समिति हरियाणा के प्रांत चेयरमैन आरके नागर ने मुख्यमंत्री
द्वारा मजदूरों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 81 सौ रुपये करने की घोषणा का
स्वागत किया है।
फार्म 38 हटाने से कम होगी व्यापारियों की टेंशन
भिवानी।
भिवानी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मबीर नेहरा ने कहा कि फार्म 38
हटाने से व्यापारियों और उद्योगपतियों को अपना सामान लाने और ले जाने में
फार्म भरने के झंझट से मुक्ति मिलेगी। अभी एक जिले से दूसरे जिले में 25
हजार से ज्यादा का सामान भेजने पर फार्म 38 भरना पड़ता है। छोटे
व्यापारियों को आगजनी पर मुआवजा देने की घोषणा भी स्वागत योग्य है।
घोषणाओं पर अमल भी होना चाहिए : प्रहलाद
सिरसा।
हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि
मुख्यमंत्री ने किसान हित में जो घोषणाएं की हैं, वह स्वागत योग्य है पर इन
घोषणाओं पर काम भी जल्द होना चाहिए क्याेंकि घोषणाएं मात्र घोषणाएं होकर
रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री कहते हैं कि किसी किसान की
भूमि नीलाम नहीं होने दी जाएगी पर किसानों को नीलामी के नोटिस भेजे जा रहे
हैं। अधिकारी भूमि नीलाम करने के लिए जाते भी हैं पर किसान संगठनों के
विरोध के चलते लौट जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का
उचित भाव मिलना चाहिए अगर ऐसा हुआ तो किसान की आर्थिक स्थिति सुधर सकती है।
उन्होंने कहा कि किसान का कर्जा माफ किया जाए।
घोषणाएं ऊंट के मुंह में जीरा : कंबोज
फतेहाबाद।
कांग्रेस की रविवार को आयोजित हुई गोहाना रैली में सीएम द्वारा की गई
ताबड़तोड़ घोषणाओं को कर्मचारियों ने ऊंट के मुंह में जीरा बताया।
कर्मचारियों ने 13 व 14 नवंबर की हड़ताल पर डटे रहने का ऐलान किया। हरियाणा
कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्य हरिचंद कंबोज, कुरड़ा राम पूनिया, अजमेर
सिंह तथा हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के जिला प्रधान ओमनाथ ने
रविवार को बैठक में कहा कि वेतन विसंगतियों को दूर करने, केंद्र व पंजाब के
समान वेतन व भत्ते प्रदान करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, अनुबंध
अध्यापकों की सेवाएं नियमित करने, लिपिक वर्ग, पटवारियों, पुलिस विभाग व वन
विभाग के कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान प्रदान करने के विषय में
एक शब्द भी नहीं कहा गया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि न्यूनतम वेतन 15 हजार
रुपये करने और हरियाणा रोडवेज के 3519 निजी परमिट रद्द करने की कोई घोषणा
नहीं की गई। आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर, मिड-डे-मील, आशा वर्कर, ग्रामीण
चौकीदार, पाट टाइम कर्मचारी, एजुसेट, चौकीदार, आरसीएच और कंप्यूटर आपरेटरों
सहित अनेक वर्ग के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन भी प्रदान नहीं किया गया।
दो हजार रुपये की अंतरिम राहत बहुत कम है और महंगाई की प्रतिपूर्ति नहीं
करती। हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष शरबत सिंह पूनिया ने
मुख्यमंत्री की कर्मचारियों के बारे में की गई घोषणाओं को झुंझना बताया।
न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने से टूटेगी उद्योगों की कमर
भिवानी
के प्रमुख उद्योगपति सन्नी नारंग और नगर व्यापार मंडल के प्रधान
भानुप्रकाश ने कहा कि वर्तमान में उद्योगपति और व्यापारी मंदी के दौर से
गुजर रहे हैं। न्यूनतम मजदूरी 8100 करने से माल की लागत बढ़ जाएगी। इससे आम
जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी।
वैट से छूट न मिलने पर व्यापारी मायूस
हरियाणा
प्रदेश व्यापार मंडल के प्रेस सचिव राजकुमार गोयल ने कहा कि व्यापारियों
को उम्मीद थी कि सीएम गोहाना रैली में वैट में राहत देंगे, लेकिन उनके हाथ
मायूसी लगी। एक दर्जन से ज्यादा चीजों पर वैट 12 प्रतिशत से ज्यादा है।
व्यापारियों की लंबे समय से मांग रही है कि इसे घटाकर चार प्रतिशत किया
जाए, जो सभी के लिए फायदेमंद रहेगा।
गोहाना रैली थी फ्लॉप शो : अभय
सिरसा।
इनेलो नेता और ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने गोहाना में रविवार को
हुई कांग्रेस की शक्ति रैली को शक्तिहीन बताते हुए फ्लॉप शो करार दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों की घोटालों में
संलिप्तता पर पर्दा डालने व जनता का ध्यान बंटवाने के उद्देश्य से इस रैली
का आयोजन किया गया था। खोदा पहाड़ निकली चुहिया वाली कहावत इस रैली को
देखकर सटीक बैठती है क्योंकि पिछले एक पखवाड़े से समूचा मंत्रिमंडल व
सरकारी तंत्र इस रैली को कामयाब बनाने के लिए जुटा हुआ था। अभय ने कहा कि
तथाकथित विकास पुरुष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की घोषणाएं कभी पूरी नहीं होती।
ये घोषणाएं भी केवल चुनावों की नजदीकियों की वजह से की गई है। वहीं,
कांग्रेस द्वारा किसानों को मुआवजे के नाम पर दो-चार रुपये देना उनका मजाक
उड़ाने जैसा है।
सभी रास्तों पर कई किलोमीटर तक जाम
सोनीपत।
गोहाना रैली का समय दोपहर बारह बजे का था, लेकिन गोहाना पहुंचने के लिए
लोग सुबह सवेरे ही पहुंचने लगे थे। काफी कडे़ प्रबंधों के बावजूद सभी
रास्तों पर जाम की स्थिति बनी रही। वाहन रेंगकर रैली स्थल तक पहुंचे।
सोनीपत-गोहाना मार्ग पर गांव बिधल से जाम शुरू हो गया था, जिसके चलते लोगों
ने मात्र पंद्रह किमी का रास्ता लगभग चार से पांच घंटे में तय किया। उधर,
पानीपत-गोहाना, रोहतक-गोहाना और जींद-गोहाना मार्गों पर भी जाम की स्थिति
बनी रही।
लोग न सुनना चाहते थे न बैठना : विज
चंडीगढ़
(ब्यूरो)। भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज ने बयान जारी कर कहा कि शक्ति
रैली में पहुंचे लोग न तो सुनना चाहते थे और न बैठना। रैली में बार-बार
मंच संचालक कह रहे थे कि भाईयो बैठ जाओ और सुनो भाई। इससे साफ है कि लोगों
को रैली में जबरदस्ती पकड़कर लाया गया था। उन्होंने कहा कि गुलाबी रंग
कांग्रेस से मेल नहीं खाता। इसलिए कांग्रेस पर कहीं न कहीं भाजपा के रंग का
असर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके गठबंधन को ठगबंधन कहा है।
इसके बारे में वे सिर्फ यही कह सकते हैं कि जो व्यक्ति जैसा होगा उसे वैसा
ही नजर आएगा।