हरियाणा के रेवाड़ी की नगर परिषद की बैठक में शुक्रवार को कार्यकारी अधिकारी और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद को लेकर बवाल मच गया। करीब आधे घंटे तक कुछ पार्षद चेयरमैन की कुर्सी का घेराव करके खड़े रहे।
चेयरमैन के सामने उन्होंने कार्यकारी अधिकारी को बाहर करो के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालात बिगड़ने पर परिषद में पुलिस को बुलाना पड़ा।
बैठक में ही पार्षदों के दो गुट बन गए और सभी ने काफी शोर-शराबे के बाद पार्षद और अधिकारी के बीच हुए झगड़े को बाद में निपटाने का निर्णय लेकर बैठक की।
वीरवार को पार्षद पति और पूर्व पार्षद चेतराम सैनी व परिषद के कार्यकारी अधिकारी डॉ. विजयपाल यादव के बीच नक्शे को लेकर झड़प हो गई थी।
करीब एक दर्जन पार्षदों ने यह निर्णय लिया था कि 6 सितंबर को हाउस की बैठक में यह मुद्दा उठाया जाएगा और कार्यकारी अधिकारी को बैठक में बैठने नहीं दिया जाएगा।
शुक्रवार को नगर परिषद के हाउस की बैठक करीब सवा बारह बजे शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही पार्षद पति चेतराम और उनके अन्य पार्षद साथियों ने गत दिवस हुए झगड़े को लेकर कार्यकारी अधिकारी डॉ. विजय पाल को बैठक से बाहर करने की आवाज उठानी शुरू कर दी। पार्षदों ने आरोप लगाया कि यादव का पार्षदों के प्रति रवैया ठीक नहीं है।
पार्षद इतना गर्म हो गए कि उन्होंने चेयरमैन शकुंतला भांडोरिया की टेबल को बजाने लगे। वे कार्यकारी अधिकारी के साथ भी तू-तड़ाक पर उतारू हो गए।
मामला हाथापाई तक पहुंचने की नौबत आ गई। पुलिस की मौजूदगी में भी बैठक में हंगामा ही होता रहा।
बैठक में सभी पार्षद, चेयरमैन शकुंतला भांडोरिया के अलावा सचिव टीआर शर्मा, एमई अजय सिक्का, एमई अंकित वशिष्ठ और परिषद के अन्य कर्मचारी तथा अधिकारी उपस्थित थे।
भेजा शिकायती पत्र
नगर परिषद के 31 में से 20 पार्षदों ने हरियाणा सरकार के नाम उपायुक्त को एक हस्ताक्षरयुक्त पत्र भेजकर कार्यकारी अधिकारी का तुरंत प्रभाव से तबादला किए जाने की मांग की है।
पार्षद अलका, संजय मलिक, गीता, पुष्पा देवी, इंदु रानी, सुचित्रा चांदना, प्र्रोमिला भार्गव, रवि यादव, विजय राव, बबीता सैनी, नगर परिषद उपप्रधान पवन बठला, प्रेमलता सैनी, विनिता पीपल, अमृत कला टिकानिया, रामअवतार छावड़ी, गुरदयाल और रमेश कुमार ने कहा कि कार्र्यकारी अधिकारी विजय पाल ने नगर परिषद को राजनीति का अखाड़ा बनाया हुआ है।