राहुल को फाइनल में आस्ट्रेलियन खिलाड़ी ने हराया। फाइनल में राहुल यादव और उनके प्रतिद्वंद्वी आस्ट्रेलियन खिलाड़ी के अंक बराबर रहे लेकिन वार करने में उनसे हुई तीन सेकेंड्स की देरी ने उनके हाथ से स्वर्ण पदक छीन लिया।
इस देरी के आधार पर रेफरी ने राहुल को रजत पदक विजेता घोषित किया। राहुल यादव विश्व रैंकिंग में पहले सौ स्थानों में जगह बनाने वाले प्रथम भारतीय खिलाड़ी भी रह चुके हैं।
तीन देशों के खिलाड़ियों को चटाई धूल
आस्ट्रेलिया के सिडनी से फोन पर हुई बातचीत में अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी राहुल यादव ने बताया कि फाइनल तक पहुंचने से पहले उनको आस्ट्रेलिया, फिजी और कोरिया के खिलाड़ियों से जूझना पड़ा।
फाइनल से पहले अपने तीनों मुकाबले जीतकर राहुल फाइनल में पहुंचे। उसे नियमों के चलते हार झेलकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
राहुल यादव ने आस्ट्रेलियन कराटे ओपन कप के स्पार्टनिंग फाइटिंग कैटेगरी में हिस्सा लिया था। इस कैटेगरी को कराटे की सबसे मुश्किल कैटेगरी माना जाता है।
एशियन चैंपियनशिप सहित कई मेडल जीत चुके हैं राहुल
फतेहाबाद के अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी राहुल यादव आस्ट्रेलियन ओपन चैंपियनशिप से पहले कई अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। यादव ने एशियन चैंपियनशिप में भी देश के लिए मेडल जीता था।
इसके अलावा कई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। कराटे खिलाड़ी राहुल यादव अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन के अलावा जूनियर वर्ग के लिए हुई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अंतर्राष्ट्रीय रेफरी और भारतीय टीम मैनेजर की भूमिका भी निभा चुके हैं।
इसके लिए उन्हें अंतर्राष्ट्रीय संघ की तरफ से पुरस्कृत भी किया जा चुका है।
आस्ट्रेलियन ओपन कराटे कप में दूसरे स्थान पर रहा हूं। अंक बराबर थे लेकिन तीन सेकेंड्स की देरी के चलते स्वर्ण पदक हाथ से छिटक गया। अगली बार और मेहनत करूंगा और सिल्वर मेडल का रंग गोल्डन करने का प्रयास करूंगा। - राहुल यादव, अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी, फतेहाबाद