फतेहाबाद। नगर परिषद में प्रधान-उपप्रधान और अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान का असर शहर के विकास पर हो रहा है। जिन प्रोजेक्ट पर काम होना चाहिए, वह अटके पड़े हैं। उनकी तरफ ध्यान तक नहीं दिया जा रहा है। शिलान्यास करके पट्ट तो लगाए गए, लेकिन डेढ़ साल बाद भी वहां काम नहीं हुआ है। नहर कॉलोनी में गलियों का पुन: निर्माण डेढ़ साल बाद भी शुरू नहीं हुआ है। जिला नागरिक अस्पताल को जाने वाले मार्ग पर मात्र 200 मीटर में ही 20 से ज्यादा गड्ढे हैं। यही नहीं मॉडल रोड प्रोजेक्ट दो साल से रुका पड़ा है। बावजूद इसके दावा है कि नए हाउस के गठन के बाद शहर में 12 करोड़ रुपये से अलग-अलग वार्डों में काम हुए हैं। मंगलवार को मात्र तीन मार्गों की ही पड़ताल की तो नगर परिषद के विकास कार्यों की जमीनी स्तर पर पोल खुल गई। टूटी सड़कें ब्यां कर रही हैं कि उन्हें पुन: निर्माण की सख्त जरूरत है। मगर न कोई अधिकारी सुध ले रहा है तो न ही कोई जनप्रतिनिधि। पड़ताल में दस्तावेज भी हाथ लगे हैं, जिसमें फतेहाबाद के बस स्टैंड से लेकर अबरोल अस्पताल तक 23.82 लाख में निर्माण पूरा दिखाया गया है जबकि हकीकत यह है कि मार्ग सिर्फ आधा ही बना है।
केस नंबर 1
अस्पताल के 200 मीटर मार्ग में 20 से ज्यादा गड्ढे
शहर के पुराना बस स्टैंड के साथ का मार्ग जो कि जिला नागरिक अस्पताल को जाता है। नगर परिषद ने जिस एजेंसी को काम दिया उसने करीब दो साल पहले आधे मार्ग का निर्माण कर दिया लेकिन आधे को बीच में ही छोड़ दिया। शर्मा आंखों के अस्पताल से लेकर नागरिक अस्पताल तक करीब 200 मीटर के मार्ग में 20 से ज्यादा गड्ढे हैं। इस मार्ग से गर्भवती से लेकर बुजुर्ग तक गुजरते हैं। पार्षद अर्जुन कटारिया का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर कई बार बैठक में उठा चुके है लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। कागजों में ये मार्ग अबरोल अस्पताल तक बना हुआ दिखाया गया है जबकि आधा ही बना है। ये मामला नए हाउस के बनने से पहले का है।
केस नंबर 2
पुन निर्माण का शिलान्यास पट्ट लगा लेकिन नहीं हुआ
शहर के नहर कॉलोनी में सड़कों के पुन: निर्माण को लेकर शिलान्यास पट्ट लगाया गया। विधायक दुड़ाराम, नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची, उपप्रधान सविता टुटेजा का नाम शिलान्यास पट्ट पर लिखा है। यहां मार्ग का निर्माण नहीं हुआ है। ये शिलान्यास पट्ट 22 सितंबर 2022 का लगा हुआ है। बताया जा रहा है कि नगर परिषद ने नहर कॉलोनी की गलियों को तोड़कर इंटरलॉकिंग बनानी थी। मगर यहां के लोगों ने एतराज जताकर सीसी मार्ग बनाने की मांग रखी। इसी के चलते प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ा।
-
केस नंबर 3
मॉडल रोड का सपना अधूरा, खींचतान में अटका
शहर के एसबीआई रोड यानि भट्टू रोड से सिरसा रोड तक के मार्ग को नगर परिषद ने मॉडल रोड बनाना है। ये प्रोजेक्ट करीब दो साल पुराना है। करीब ढाई करोड़ से मार्ग का निर्माण होना है लेकिन खींचतान में अटका हुआ है। इस मार्ग पर स्टोरम वाटर सीवर लाइन बिछाने के लिए भी टेंडर हो चुका है। लेकिन अब नगर परिषद स्टोरम वाटर सीवर लाइन बिछाने का काम जनस्वास्थ्य विभाग को देना चाहता है। लेकिन पार्षद अनिल गर्ग का कहना है कि नगर परिषद ही ये काम करवाएं। अगर जनस्वास्थ्य विभाग को दिया जाता है तो एक साल और लग जाएगा।
कोट
नहर कॉलोनी में सीसी सड़क को उखाड़ कर इंटरलॉकिंग सड़क बननी थी। मगर लोगों ने इसको लेकर एतराज किया और कहा कि इंटरलॉकिंग नहीं सीसी बननी चाहिए। इस वजह से सड़क नहीं बनी है।
- रविंद्र मेहता, पार्षद, वार्ड नंबर 20
कोट-
शहर के अस्पताल रोड से एंबुलेंस मरीजों को लेकर जाती है और रोजाना हजारों मरीज यहां से निजी और सरकारी अस्पतालों में जाते है। यह मार्ग अधूरा है। इसको लेकर वह अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं। मार्ग का निर्माण अबरोल अस्पताल तक होना था, लेकिन एजेंसी ने आधा ही किया है। जब पूछते हैं, तो बताया जाता है कि जितना एस्टीमेट था, उतनी राशि खर्च हो चुकी है। इस अधूरे मार्ग का निर्माण जल्द होना चाहिए।
- अर्जुन कटारिया, पार्षद, वार्ड नंबर 23
कोट
नगर परिषद की हाउस की बैठक में पार्षदों से एजेंडे लिए गए हैं। कंस्ट्रक्शन कमेटी का भी गठन हो गया है, जो निरीक्षण करेगी कि कहां-कहां पर निर्माण की जरूरत है। शहर में विकास कार्यों को लेकर कमी नहीं रहने दी जाएगी।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद फतेहाबाद