पुलिस के अधिकारियों द्वारा मां-बेटी के साथ घर में घुसकर मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि उक्त पुलिस अधिकारी घर के सूटकेस में रखी 45 हजार रुपये की नकदी और पीड़ित महिला के नाबालिग बेटे को अपने साथ ले गए।
गांव चमारखेड़ा की ढाणी में रहने वाली पीड़ित महिला ने थाना भूना के एचएचओ को शिकायत सौंपकर एएसआई बनवारी लाल सहित 11-12 अन्य के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। वही,ं पीड़िता ने मामले की शिकायत महिला एवं मानवाधिकार आयोग, डीजीपी हरियाणा, आईजी हिसार को फैक्स भेजकर दी है।
पुलिस शिकायत में गांव चमार खेड़ा निवासी कमलेश पत्नी सुल्तान सिंह ने बताया कि 13 सितंबर की रात को वह अपने बेटे मोहित व बेटी प्रियंका के साथ घर पर सोई हुई थी। रात पौने 12 बजे के करीब एएसआई बनवारी लाल सहित 11-12 लोगों उसके घर पर आए। शिकायतकर्ता के अनुसार एएसआई व उसकी टीम ने परिवार के तीनों लोगों को चौबारे से नीचे उतार दिया और घर की तलाशी लेने लगे।
एएसआई ने महिला से कहा कि बता धोलिया को तूने कहां छिपा रखा है? पीड़िता ने बताया कि वह लोग उन्हें गंदी-गंदी गालियां देने लगे, जिसका दसवीं कक्षा के छात्र मोहित ने विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने मां-बेटी सहित छात्र को जमीन पर पटक दिया। डंडे और लाठियों से बेरहमी से पीटने लगे। महिला का आरोप है कि पुलिस कर्मचारी उसे बेइज्जत करने के साथ-साथ तलाशी के दौरान 45 हजार रुपये की नकदी और नाबालिग बेटे मोहित को अपने साथ ले गए। घायल महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में दाखिल करवाया गया है।
आरोप निराधार एवं झूठे : एसएचओ
इस संबंध में शहर थाना फतेहाबाद के प्रभारी गौरव शर्मा ने बताया कि पुलिस की टीम ने मर्डर मामले में धोलिया की गिरफ्तारी के लिए चमारखेड़ा की ढाणी में रेड मारी थी, लेकिन महिला के साथ मारपीट करने व 45 हजार रुपये की नकदी निकाल कर लाने के आरोप झूठे व निराधार हैं। मामले की जांच भूना पुलिस कर रही है। जांच के बाद घटना का खुलासा हो जाएगा।