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500 एकड़ से अधिक नरमा, धान, अरहर, मूंग तथा हरे चारे की फसल नष्ट

Thu, 07 Jul 2016 01:20 AM IST
fatehabad
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बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश से खेतों में हुआ जलभराव - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 भूना में बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश से भूना क्षेत्र में जल भराव हो गया। इससे 500 एकड़ से अधिक नरमा, धान, अरहर, मूंग तथा हरे-चारे की फसल पानी के कारण नष्ट हो गई है। यह आंकलन कृषि विभाग के अधिकारियों ने किया है। इनमें गांव ढाणी डूल्ट, डूल्ट, टिब्बी, लहरियां, कांनी खेड़ी, रहनखेड़ी, ढाणी भोजराज, ढाणी गोपाल, भूंदड़ा और कुनाल में पानी से फसल बर्बाद हुई है। गौरतलब है कि चार दिन पूर्व भूना क्षेत्र में बरसात के कारण पानी ही पानी चारों तरफ हो गया था। शहर और गांवों में जहंा जलनिकासी व्यवस्था को लेकर बदहाल स्थिति बनी हुई है। वहीं खेतों में भी तीन से चार फुट पानी के जल भराव होने से नरमा, धान और अन्य कई फसलें चौपट हो गई हैं। किसानों को लगातार तीन फसलों में चपत लग रही है। गत वर्ष नरमा की फसल को सफेद मक्खी चट कर गई थी। वहीं गेहूं की फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। परंतु अब तेज बरसात से पानी ही पानी खेतों में हो गया है। हाल ही में बिजाई एवं रोपाई की गई नरमा और धान की फसल भी पानी में सूख जाने के कारण पौध नष्ट हो गई हैं।

क्या कहते हैं कृषि विकास अधिकारी :-
कृषि विकास अधिकारी रामफल नैन ने बताया कि भूना खंड के लहरियां, कांनी खेड़ी, रहनखेड़ी, भूंदड़ा, ढाणी भोजराज, ढाणी डूल्ट, टिब्बी, डूल्ट, ढाणी गोपाल आदि एरिया में 500 से अधिक एकड़ भूमि में नरमा, हरहर, धान और हराचारा जल गया है। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन राजस्व विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
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जांच कर रही है टीम :-
नायब तहसीलदार होशियार सिंह जांगड़ा ने बताया है कि तेज बारिश से फसलों में हुए नुकसान को लेकर कानूनगो एवं पटवारी के नेतृत्व की टीम अगल-अलग एरिया में जांच कर रही है। किसानों की कौन सी फसल को पानी से नुकसान हुआ है। इसका आकलन रिपोर्ट आने के बाद ही दिया जाएगा। लेकिन एक दर्जन से अधिक गांवों के खेतों में जलभराव की शिकायतें आ रही हैं।
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