कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आई स्वयंसेविकाओं ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। हरियाणा से हरियाणवी लोक नृत्य, पंजाब से गिद्दा, जम्मू-कश्मीर एवं हिमाचल के लोक नृत्य से छात्राओं ने मंत्रमुग्ध कर दिया। विधायक दुड़ाराम ने कहा कि यह शिविर फतेहाबाद के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उत्तर क्षेत्र का यह शिविर विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने का काम करेगा। इस मौके पर प्रधान राजीव बत्रा, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के फील्ड ऑफिसर मनोज कुमार, देसराज, हरियाणा राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अनिता गोदारा, डॉ. शालू सचदेवा, हिमाचल प्रदेश से लक्षिता ठाकुर, जम्मू से डॉ. गुरप्रीत कौर, चंडीगढ़ से डॉ.प्राची, दिल्ली से नाहिद रईस, राजस्थान से डॉ. उमा शर्मा व डॉ. नेहा गोयल भी मौजूद रहे।
मैं मानसा जिले के माती सुंदरी महिला कॉलेज की छात्रा हूं। मैंने पंजाब के राजकीय नृत्य गिद्दा में भाग लिया है। मुझे हरियाणा की संस्कृति अच्छी लगी है। यहां का खाना भी पसंद आया है। यह शिविर सांस्कृतिक व राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से भी लाभदायक है। -राजी, छात्रा, पंजाब
मैं राजकीय डिग्री कॉलेज बडगांव की छात्रा हूं। हम कश्मीर से दिल्ली तक जहाज में यात्रा करके फतेहाबाद आए हैं। हमने जैसे ही यहां की खेतीबाड़ी और संस्कृति को देखा तो खूब पसंद आई है। इस शिविर में बहुत सी सांस्कृतिक विधाओं को सीखने का मौका मिलेगा। -कफिला, छात्रा, कश्मीर
मैं महिला पीजी महाविद्यालय जोधपुर की छात्रा हूं। मैंने राजस्थान के राजकीय नृत्य घूमर और परेड में भाग लिया है। राजस्थान और हरियाणा की बोली में काफी अंतर है। फतेहाबाद के राजस्थान सीमा के साथ होने के कारण यहां के लोगाें में राजस्थान की झलक दिखाई देती है। -वंदना सोनी, छात्रा, राजस्थान
मैं राजकीय महाविद्यालय मंडी की छात्रा हूं। मैंने पहाड़ी नृत्य और परेड में भाग लिया है। हिमाचल में ठंडा मौसम होता है, लेकिन यहां पर गर्मी महसूस हो रही है। यह शिविर हमें राष्ट्रीय एकता का परिचय दे रहा है। कर्तव्य पथ पर परेड में शामिल होने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं। -ज्योत्सना, छात्रा, हिमाचल प्रदेश