राजकीय कन्या उच्च विद्यालय के चौकीदार की मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। बताया जाता है कि चौकीदार का शव पेड़ पर लटका हुआ था। शव को पुलिस पहुंचने से पूर्व घटना स्थल से उठवा लिया गया। इससे चौकीदार की हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने राजकीय कन्या स्कूल भट्टू कलां में उस स्थान की बारीकी से जांच की जहां उक्त चौकीदार अपने परिवार सहित रहता था।
मानावाली निवासी 42 वर्षिय हवा सिंह जो कि भट्टू कलां के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय मे पिछले 8 वर्ष से चौकीदार के पद पर कार्यरत था। मंगलवार सुबह उसका शव पेड़ पर लटका मिला। वह यहां अपनी पत्नी ग्यारसी व बच्चों सहित स्कूल में ही प्राइमरी विभाग केबने एक कमरे में रह रहा था। चौकीदार की मौत स्कूल कैंपस में हुई और स्कूल टाइम में आनन-फानन में ही शव को उठवा दिया गया।
घटना की सूचना मिलने पर जब मृतक का भतीजा सुरेश गांव के सरपंच महेंद्र व अन्य लोगों को लेकर स्कूल में पहुंचा तो वहां से चौकीदार का शव गायब देख वे हैरान हो गए। उसकी पत्नी और बच्चे भी वहां नहीं थे। जिस पर वे पुलिस थाने पहुंचे और हत्या का अंदेशा जताते हुए तुरंत मामले की जांच की मांग की। जब स्कूल के मुख्य अध्यापक राजेंद्र माचरा से बात की तो उन्होंने बताया की हवा सिंह को तो उसके परिजन ही उसे अस्पताल ले जाने का कह कर ले गए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पुलिस को फोन पर सूचना दीथी।
पुलिस देरी से पहुंची इससे पूर्व उसके परिजन उसे ले गए। पुलिस को शव का घटना स्थल पर न होने का पता चला तो पुलिस चौकीदार के गांव मानावाली गई। जहां से शव को अपने कब्जे मे ले उसका पोस्टमार्टम करवाने फतेहाबाद के सामान्य अस्पताल पहुंचे। घटना स्थल का मुआयना करने के लिए पुलिस भी आती रही और सीन ऑफ क्राइम की टीम भी पहुंची। वही अध्यापक बच्चों की कक्षाएं लेकर पढ़ाते दिखाई दिये। इस घटना पर कोई भी खुल कर सामने आने को तैयार नही था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्यवाही
थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मृतक चौकीदार का पोस्टमार्टम करवाकर उसके शव को परिजनो ंको सौंप दिया गया है। पुलिस ने मृतक के भतीजे सुरेश के बयान पर कार्रवाई की है। आगामी कार्यवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद होगी।
मृतक के भतीजे ने लगाए गंभीर आरोप
मृत चौकीदार के भतीजेे 30 वर्षीय सुरेश पुत्र साहगराम निवासी गांव मानावाली ने सरकारी अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि उसके चाचा हवा सिंह ने आत्महत्या नहीं की है। उसने कहा कि उसके चाचा की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दिया गया है। सुरेश ने बताया कि उसकी चाची ग्यारसी के भट्टूकलां के एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंध थे।
इन अवैध संबंध के कारण उसके चाचा हवा सिंह व चाची ग्यारसी के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। सुरेश ने बताया कि उसकी चाची ने स्कूल में हुई उसके चाचा की मौत के बारे में गांव में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। उसकी चाची खुद ही हवा सिंह के शव को गांव मानवाली ले आई। सुरेश ने यह भी बताया कि उसके चाचा हवा सिंह की पीठ पर कालिख लगी हुई व शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। सुरेश ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।