फतेहाबाद। जिले के गांव बीघड़ से शुरू होकर सिरसा जिले के गांव खेड़ी तक जाने वाली नहर 40 वर्ष पुरानी होने के कारण काफी जर्जर हो चुकी है। इस कारण यह गांव किरढ़ान में 15 अक्तूबर को टूट गई। इसके बाद प्रशासन ने किसानों की सहायता से इसे ठीक किया, मगर पानी छोड़ने के दूसरे दिन ही यह फिर से टूट गई।
उस समय इससे करीब 50 एकड़ में फसल प्रभावित हुई थी। खेड़ी नहर फतेहाबाद, हिसार और सिरसा जिले के 40 गांवों में पानी की आपूर्ति को पूरा करती है। जिसके बार-बार टूटने के बाद किसानों को खेतों में सिंचाई और लोगों पेयजल की समस्या पैदा हो गई है। इस समस्या को लेकर पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति हरियाणा के नेतृत्व में किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान खेड़ी नहर पर लगते खेत के किसानों ने सिंचाई विभाग के एसई ओपी बिश्नोई को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
किसानों ने कहा कि खेड़ी नहर पुरानी हो चुकी है, इसका पुन: निर्माण करवाया जाए। नहर में जगह-जगह पर दरार आ चुकी है। पानी छोड़े जाने के दौरान यह बार-बार टूट जाती है। इससे खेतों तक पूरा पानी नहीं पहुंच रहा है। जिस कारण किसानों को सिंचाई के लिए समस्या का सामना करना पड़ता है। नहर टूट जाने के कारण काफी किसान समय पर गेहूं की बिजाई करने से वंचित रह गए। किसानों ने बताया कि यह नहर 40 साल पुरानी है। इस नहर से 24 गांवों में सिंचाई और 40 गांवों को पेयजल की सप्लाई होती है।
नहर के टूटने से गेहूं की बिजाई नहीं हो सकी है। ऐसे में अगर एक दो दिनों में नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो वे गेहूं की बिजाई नहीं कर सकेंगे। खेड़ी नहर का निर्माण करीब 40 वर्ष पहले हुआ था। जिसके बाद से इस नहर को दोबारा नहीं बनाया गया है। ऐसे में यह नहर बार-बार टूट जाती है। -सतीश बैनीवाल, किसान, गांव चूली कलां।
नहर के टूटने से किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पाया है। जिसकी भरपाई के लिए अगले आठ दिनों तक नहर में पानी छोड़ा जाएं। ताकि किसान अपनी फसलाें की बिजाई कर सके। इस नहर को आरसीसी से दोबारा बनाया जाना चाहिए। ताकि यह बार-बार न टूटे। इसकी मरम्मत बहुत जरूरी है। वजीर, किसान, गुसांईआना।
गांव चाहरवाला में भूमिगत जल खारा होने के कारण यहां की कृषि नहरी पानी निर्भर है। नहर से किसानों को महीने में मात्र 16 दिन ही पानी की सप्लाई दी जाती है। अब पिछले 15 दिनों से गांव तक पानी नहीं पहुंच पाया है। जिसके कारण फसलों की बिजाई नहीं हो सकी है। प्रशासन को नहर के बांध ठीक करवाकर अगले आठ दिनों तक पानी की सप्लाई दी जाएं ताकि किसान बिजाई कार्य पूरा कर सके। -धर्म सिंह, किसान, गांव चूली खूर्द।
चार एकड़ में गेहूं की बिजाई की हुई है। जिसमें फसल को सिंचाई की आवश्यकता है। लेकिन नहर के टूटने से फसल को पानी नहीं दे पाया हूं। ऐसे में फसल खराब होने की आशंका है। प्रशासन को जल्द से जल्द समस्या का हल करना चाहिए। यह नहर खेती के लिए जीवन रेखा है। इसका बार-बार टूटना खेती को तो प्रभावित करता ही है, साथ ही गांवों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होती है। -प्रताप सिंह, किसान, गांव चाहरवाला।